450 सालों की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे लक्ष्यराज सिंह, मेवाड़ की शाही गद्दी पर राजतिलक, एक नए युग की शुरुआत

Mewar Me Gaddi Utsav: ये सभी विशिष्ट अतिथि इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए एकत्रित होंगे, जो मेवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है
दिवंगत अरविंद सिंह मेवाड़ के बाद, लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को एकलिंग दीवान के रूप में गद्दी सौंपी जाएगी, जो एक ऐतिहासिक अवसर है. यह आयोजन भव्य उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें देशभर के राजघरानों, राजनेताओं, व्यापारियों, फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना है. Mewar Me Gaddi Utsav
बड़ी हस्तियां हो सकती है मौजूद
राजस्थान सहित पूरे देश के राजघरानों के सदस्य, राजनीतिक हस्तियां, कारोबारी, सेलिब्रिटीज और कई बड़े खिलाड़ी एक भव्य कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गद्दी उत्सव और शाही अनुष्ठान होंगे, Mewar Me Gaddi Utsav जो पारंपरिक राजसी वेशभूषा, शाही घोड़े और सजे-धजे हाथियों के अद्भुत नजारे के साथ मनाया जाएगा. यह एक ऐसा अवसर होगा जहां देश की विविधता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन होगा.
मेवाड़ की ऐतिहासिक परंपराओं में एकलिंग दीवान की उपाधि का विशेष महत्व है, जो बप्पा रावल के समय से चली आ रही है. इस परंपरा में, मेवाड़ के राजा को नहीं, बल्कि भगवान शिव के स्वरूप श्री एकलिंगनाथ जी को ही शासक माना जाता है. यहाँ महाराणा स्वयं को राज्य का दीवान मानते हुए शासन करते हैं, जो एकलिंगनाथ जी के प्रति उनकी भक्ति और समर्पण को दर्शाता है. यह परंपरा मेवाड़ की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आज भी जीवित है.
यह रहेगा कार्यक्रम
Mewar Me Gaddi Utsav कार्यक्रम का आगाज प्रातः 9:30 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक राजमहल, उदयपुर में गद्दी उत्सव के साथ होगा. इसके बाद अपराह्न 3:15 बजे राजमहल में नोपति (अश्व) पूजन होगा. सायं 4:20 बजे श्री एकलिंगनाथ जी के दर्शन कैलाशपुरी में होंगे.
इसके अलावा, सायं 7:00 बजे हाथी पोल द्वार पर पूजन, रात्रि 8:15 बजे राजमहल में भाईपा और सरदारों का रंग पलटाई दस्तूर और रात्रि 9:00 बजे जगदीश मंदिर में भाईपा और सरदारों संग दर्शन जैसे आयोजन होंगे.
450 वर्षों से चली आ रही है परंपरा
मेवाड़ में गद्दी उत्सव एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो केवल शाही परंपरा का हिस्सा नहीं है, बल्कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है.
भगवान एकलिंगनाथ जी को मेवाड़ का वास्तविक शासक मानने की परंपरा ने इस रियासत को धर्म और न्याय आधारित शासन प्रणाली का अनूठा उदाहरण बनाया है. लगभग 450 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत, मेवाड़ के शासक को एकलिंग दीवान की उपाधि दी जाती है, और वह इसी भूमिका में शासन करता है. Mewar Me Gaddi Utsav
उत्सव और शाही अनुष्ठान मुख्य आकर्षण होंगे
अधिक जानकारी के लिए बता दे की यह परंपरा मेवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस भव्य आयोजन में राजस्थान सहित देशभर के राजघरानों के सदस्य, राजनीतिक हस्तियां, कारोबारी, सेलिब्रिटीज और कई बड़े खिलाड़ी शिरकत करेंगे.
यह आयोजन मेवाड़ की शाही परंपराओं का प्रतीक है, जिसमें गद्दी उत्सव और शाही अनुष्ठान मुख्य आकर्षण होंगे. इसमें पारंपरिक राजसी वेशभूषा, शाही घोड़े और सजे-धजे हाथियों का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा. Mewar Me Gaddi Utsav