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THE BIKANER NEWS: बीकानेर में लगने वाले ऐतिहासिक मेले का समापन, करोड़ो रूपये के गहनों से लदी विश्व प्रसिद्ध गणगौर की पुलिस ने रखी कड़ी निगरानी

Bikaner News: बीकानेर में गणगौर पूजा का स्वर्णिम इतिहास रहा है। आपको बता दें कि ऐतिहासिक गणगौर पूजन शहर में होलिका दहन के दूसरे दिन से प्रारंभ होता है। इस दौरान पूरा बीकानेर शहर रंगों से सराबोर नजर आता है। गणगौर पूजा होलिका दहन के दूसरे दिन से शुरू होकर 16 दिन तक चलती है। जिसमें शहर की नन्ही-नन्ही और प्यारी-प्यारी बालिकाएं 16 दिन तक पूजन अनुष्ठान करती हुई नजर आती हैं। गणगौर पूजन में राजशाही परिवार भी बड़ी धूमधाम से शामिल होता है। इस दौरान शहर के चौतीना कुआं से गणगौर दौड़ का भी आयोजन किया जाता है।

बीकानेर में गणगौर पूजन के दौरान आभूषणों से श्रृंगारित गणगौर के दर्शन और पूजन हेतु दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रत्येक वर्ष शहर के ढढ्डा चौक पहुंचते हैं। गणगौर के बेशकीमती स्वर्णिम आभूषणों की सुरक्षा हेतु 48 घंटे हथियारबंद पुलिस के जवानों का कड़ा पहरा रहता है।

बीकानेर की ऐतिहासिक गणगौर करोड़ों रुपए के आभूषणों से करती है श्रृंगार

बीकानेर की ऐतिहासिक गणगौर देश की इकलौती ऐसी गणगौर है जो करोड़ों रुपए की स्वर्णिम आभूषणों से अपना श्रृंगार करती है। बीकानेर की गणगौर देश के अन्य राज्यों के राजा महाराजाओं की शाही गणगौर से काफी अधिक समृद्ध मानी जाती है। इस गणगौर के हाथों पैरों की उंगलियों के साथ शरीर का ऐसा कोई हिस्सा शेष नहीं होता जो सोने और चांदी के आभूषणों से लदा ना हो।

बीकानेर की गणगौर प्रतिवर्ष सोने चांदी के आभूषणों के अलावा बेशकीमती माणक-मोती जड़े हीरे-जवाहरातों से अपना हार-श्रृंगार करती है। प्रतिवर्ष लाखों करोड़ों रुपए के आभूषण पहन कर बीकानेर की गणगौर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढड्ढा चौक पर विराजमान होती हैं।

बीकानेर में ढड्ढों की गणगौर देश की इकलौती ऐसी गणगौर है, जो अपने बेटे के साथ पूजा-अर्चना करती है। पाठकों को बता दें कि चांदमल ढड्ढा की गणगौर के साथ भईया की स्वर्णिम आभूषणों से श्रृंगारित प्यारी सी एक छोटी प्रतिमा भी विराजित रहती है।

जिसके दर्शन करने के लिए बीकानेर जिले के छोटे बड़े शहरों और ग्रामीण क्षेत्र से हजारों की संख्या में प्रतिवर्ष महिलाएं यहां पहुंचती हैं।

गणगौर पूजन के बाद बीकानेर शहर में होता है 2 दिन मेले का आयोजन

संपूर्ण देश में विख्यात बीकानेर के ऐतिहासिक गणगौर पूजन के बाद शहर में दो दिन एक मेले का आयोजन किया जाता है। गणगौर पूजन के बाद बीकानेर शहर में आयोजित होने वाले इस मेले में बीकानेर के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश के अन्य जिलों से भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस मेले में पहुंचने वाले लोगों को बीकानेर और राजस्थान प्रदेश की सांस्कृतिक झलक देखने को भी मिलती है।

शहर में दो दिन आयोजित होने वाले इस मेले में पुलिस के जवान भी सुरक्षा हेतु 24 घंटे ड्यूटी देते हैं। बीकानेर में गणगौर पूजन के बाद प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस मेले का कल शांतिपूर्ण तरीके से समापन हो गया है।

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