अहंकारी मनुष्य भगवान के चरणों में स्थान नहीं पा सकता: पंडित भाईश्री
सनातन धर्म साधना पीठ एवं विष्णु पुराण कथा आयोजन समिति की ओर से अधिक मास के पावन अवसर पर चल रही विष्णु पुराण कथा में आख्यान करते हुए श्री
मरूनायक व्यास पीठाधीश्वर पंडित भाईश्री ने कहा कि अहंकारी जीव का सदैव पतन होता है,जिस प्रकार देवराज इंद्र का भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन धारण करके अहंकार नष्ट किया था। भगवान ने यह संदेश दिया कि किसी भी जीव को जीवन में अहंकार नहीं करना चाहिए क्योंकि अहंकारी मनुष्य भगवान के चरणों में समा नहीं सकता।
आज कथा आख्यान करते हुए भगवान विष्णु के दशा अवतार में श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग वर्णन किया गया जिसमें पूतना वध शकट भंजन वध प्रलंबासुर वध कालिया दहन एवं गोवर्धन धारण की मुख्य लीलाओं का वर्णन किया।
विष्णु पुराण कथा आयोजन समिति के प्रवक्ता पवन कुमार राठी ने बताया कि विष्णु पुराण कथा आयोजन कार्यक्रम की सभी व्यवस्था में लोटस कंपनी के अशोक मोदी,प्रहलाद राम गहलोत, मांगीलाल गहलोत, डॉ श्याम अग्रवाल, कन्हैया लाल जोशी, राजेश चूरा, बजरंग सोनी, सरस्वती करनानी, देवकिशन भट्ड, तथा मनीष मूंजाल का विशेष सहयोग रहा
आज की विष्णु पुराण कथा में बीकानेर माहेश्वरी महिला समिति द्वाराव्यास पीठ पंडित भाई श्री जी का विशेष सम्मान किया गया ।आज के प्रश्न के अनुसार सचेतन झांकी में मोहक श्री व्यास द्वारा गिरिराज जी का रूप धारण किया गया ।
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