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बीकानेर: हस्तशिल्प को मिला नया आसमान, जिला कलेक्टर ने किया शहरी क्षेत्र में पहले एम्पोरियम 'कला कुंज' का उद्घाटन, वोकल फॉर लोकल' को मिलेगी मजबूती

 
THE BIKANER NEWS:-

बीकानेर। जिले के हस्तशिल्प और कलाकारों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के तहत बीकानेर के पहले हस्तशिल्प एम्पोरियम 'कला कुंज' का भव्य उद्घाटन गुरुवार को जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि द्वारा किया गया।

​हरोलाई हनुमान मंदिर रोड पर स्थित इस केंद्र का संचालन जय भैरव वेलफेयर सोसायटी द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन के दौरान कलेक्टर ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कलाकारों के हुनर की सराहना की।

'वोकल फॉर लोकल' को मिलेगी मजबूती

​इस अवसर पर जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने कहा कि राजस्थान की हस्तकला विश्व प्रसिद्ध है। 'कला कुंज' के माध्यम से 'वोकल फॉर लोकल' की अवधारणा को धरातल पर उतारा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि:

  • ​यह एम्पोरियम आर्टिजन्स (शिल्पकारों) को मार्केटिंग के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
  • ​इससे कलाकारों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और सीधा आर्थिक लाभ होगा।
  • ​पर्यटन और शिक्षण संस्थानों के समन्वय से इस विरासत को नई पीढ़ी और पर्यटकों तक पहुँचाया जाएगा।

एक ही छत के नीचे दिखेगी राजस्थान की विरासत

​एम्पोरियम में बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों की 14 से अधिक हस्तकलाओं का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • उस्ता कला, मथेरण कला और बीकानेरी कशीदाकारी।
  • पोकरण पॉटरी और जोधपुर मेटल क्राफ्ट।
  • टाई एंड डाई, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, पेंटिंग और साफा-पगड़ी।

विशेषज्ञों और अधिकारियों की राय

  • सहायक निदेशक (हस्तशिल्प) रविवीर चौधरी: उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्टिजन्स, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और प्रोड्यूसर कंपनियों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना है। यहाँ विशेष रूप से GI टैग प्राप्त उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • नाबार्ड डीडीएम रमेश तांबिया: उन्होंने इस पहल को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की इस योजना से उन कलाकारों को बाजार मिलेगा जिन्हें अब तक सही मंच नहीं मिल पाया था।
  • कलाकार जगत: उस्ता आर्ट विशेषज्ञ मोहम्मद हनीफ उस्ता और मिनिएचर आर्टिस्ट महावीर स्वामी ने इसे चित्रकारों और शिल्पकारों के लिए एक बड़ी सौगात बताया।

सोसायटी की भूमिका

​जय भैरव वेलफेयर सोसायटी के संयोजक धर्मेंद्र छंगाणी ने जानकारी दी कि भविष्य में यहाँ समय-समय पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा ताकि स्थानीय कला को निरंतर प्रोत्साहन मिलता रहे। कार्यक्रम में अयूब अली, शौकत अली उस्ता, कृष्ण चंद्र पुरोहित और कृष्ण कांत व्यास सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट: THE BIKANER NEWS