बीकानेर में 'समाजोत्सव' के रूप में मनेगा भारतीय नववर्ष ,इस बार इस सिमिति के बैनर तले निकलेगी भव्य हिन्दू धर्मयात्रा
समिति ने प्रेस वार्ता कर आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा साझा की है, जिसका उद्देश्य समाज को एक मंच पर जोड़ना और सांस्कृतिक गौरव की भावना को सशक्त करना है।
गणेश बोथरा बने समिति के अध्यक्ष, 7 मार्च को कार्यालय का उद्घाटन
आयोजनों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री गणेश जी बोथरा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ राजेश जी चूरा व रामलाल जी कुम्हार (उपाध्यक्ष), भंवर जी पुरोहित व नवीन सिंह जी (महामंत्री), तथा मनोहर जी स्वामी (कोषाध्यक्ष) व किशोर जी बांठिया (सह-कोषाध्यक्ष) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आगामी 7 मार्च 2026 (शनिवार) को सायं 6:15 बजे गोकुल सर्किल स्थित जसोदा भवन में समिति के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन सुंदरकांड पाठ के साथ किया जाएगा।
4 से 10 मार्च तक चलेगा जन-जागरण अभियान
नववर्ष के प्रति उत्साह का वातावरण बनाने के लिए 4 मार्च से 10 मार्च 2026 तक महानगर के विभिन्न मोहल्लों में विशेष कार्यक्रम होंगे। इनमें होली स्नेह मिलन, नुक्कड़ बैठकें, शंखनाद और घरों में दीप प्रज्वलन जैसे कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को इस उत्सव से जोड़ा जाएगा।
19 मार्च को निकलेगी विशाल धर्मयात्रा, एम.एम. ग्राउंड से जूनागढ़ तक
नववर्ष का मुख्य आयोजन 19 मार्च 2026 को होने वाली 'भव्य धर्मयात्रा' होगी। यह धर्मयात्रा एम.एम. ग्राउंड से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ऐतिहासिक जूनागढ़ पर संपन्न होगी।
यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु, मनमोहक धार्मिक व सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मार्ग में जगह-जगह समाज के लोगों द्वारा पुष्प वर्षा, तिलक और प्रसाद वितरण कर यात्रा का स्वागत किया जाएगा।
घरों पर भगवा ध्वज फहराने और दीप जलाने की अपील
समिति ने बीकानेर के सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे नववर्ष के पावन अवसर पर अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर भगवा ध्वज फहराएं, दीप जलाएं और सपरिवार इस भव्य धर्मयात्रा में शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक एकता का परिचय दें।
क्यों खास है भारतीय नववर्ष?
प्रेस वार्ता में बताया गया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा केवल कैलेंडर का बदलाव नहीं है। ब्रह्म पुराण के अनुसार इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। यह दिन वसंत ऋतु के आगमन, प्रकृति के पुनर्जागरण, सम्राट विक्रमादित्य की शकों पर ऐतिहासिक विजय, चैत्र नवरात्रि के आरंभ और भगवान श्री राम के राज्याभिषेक प्रसंग का भी प्रतीक है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसे गुड़ी पड़वा, उगादी आदि नामों से भी मनाया जाता है।
बीकानेर। बीकानेर महानगर में इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी भारतीय नववर्ष (विक्रम संवत 2083) को एक भव्य 'समाजोत्सव' के रूप में मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। सर्व हिंदू समाज, विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों और मातृशक्ति के सहयोग से इस वर्ष नववर्ष को अभूतपूर्व स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया है। इस आयोजन के सुचारू संचालन के लिए 'भारतीय नव वर्ष समारोह समिति, बीकानेर महानगर' का गठन किया गया है।
समिति ने प्रेस वार्ता कर आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा साझा की है, जिसका उद्देश्य समाज को एक मंच पर जोड़ना और सांस्कृतिक गौरव की भावना को सशक्त करना है।
गणेश बोथरा बने समिति के अध्यक्ष, 7 मार्च को कार्यालय का उद्घाटन
आयोजनों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री गणेश जी बोथरा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ राजेश जी चूरा व रामलाल जी कुम्हार (उपाध्यक्ष), भंवर जी पुरोहित व नवीन सिंह जी (महामंत्री), तथा मनोहर जी स्वामी (कोषाध्यक्ष) व किशोर जी बांठिया (सह-कोषाध्यक्ष) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आगामी 7 मार्च 2026 (शनिवार) को सायं 6:15 बजे गोकुल सर्किल स्थित जसोदा भवन में समिति के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन सुंदरकांड पाठ के साथ किया जाएगा।
4 से 10 मार्च तक चलेगा जन-जागरण अभियान
नववर्ष के प्रति उत्साह का वातावरण बनाने के लिए 4 मार्च से 10 मार्च 2026 तक महानगर के विभिन्न मोहल्लों में विशेष कार्यक्रम होंगे। इनमें होली स्नेह मिलन, नुक्कड़ बैठकें, शंखनाद और घरों में दीप प्रज्वलन जैसे कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को इस उत्सव से जोड़ा जाएगा।
19 मार्च को निकलेगी विशाल धर्मयात्रा, एम.एम. ग्राउंड से जूनागढ़ तक
नववर्ष का मुख्य आयोजन 19 मार्च 2026 को होने वाली 'भव्य धर्मयात्रा' होगी। यह धर्मयात्रा एम.एम. ग्राउंड से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ऐतिहासिक जूनागढ़ पर संपन्न होगी।
यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु, मनमोहक धार्मिक व सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मार्ग में जगह-जगह समाज के लोगों द्वारा पुष्प वर्षा, तिलक और प्रसाद वितरण कर यात्रा का स्वागत किया जाएगा।
घरों पर भगवा ध्वज फहराने और दीप जलाने की अपील
समिति ने बीकानेर के सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे नववर्ष के पावन अवसर पर अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर भगवा ध्वज फहराएं, दीप जलाएं और सपरिवार इस भव्य धर्मयात्रा में शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक एकता का परिचय दें।
क्यों खास है भारतीय नववर्ष?
प्रेस वार्ता में बताया गया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा केवल कैलेंडर का बदलाव नहीं है। ब्रह्म पुराण के अनुसार इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। यह दिन वसंत ऋतु के आगमन, प्रकृति के पुनर्जागरण, सम्राट विक्रमादित्य की शकों पर ऐतिहासिक विजय, चैत्र नवरात्रि के आरंभ और भगवान श्री राम के राज्याभिषेक प्रसंग का भी प्रतीक है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसे गुड़ी पड़वा, उगादी आदि नामों से भी मनाया जाता है।