{"vars":{"id": "125777:4967"}}

अवसरों का चयन ही सफलता का द्योतक-इंजी. मुकेश बोहरा

 
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर:-बिनानी कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय विषेष शिविर के छठे दिन महाविद्यालय में योग, व्याख्यान, कच्ची बस्ती में स्वयं सेविकाओं द्वारा खाद्य वितरण एवं शैक्षणिक कार्यक्रम तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
रासेयो अधिकारी डॉ. अशोक व्यास ने बताया कि शिविर के प्रथम चरण में योग अभ्यास को आगे बढाते हुए आज पुनः योग का अभ्यास एवं मेडिटेशन का आयोजन कर छात्राओं को स्वस्थ रहने की तकनीकों का ज्ञान कराया गया। स्वयंसेविकाओं को योग का अभ्यास करवाने के लिए हार्टफुलनेस संस्थान के ओम प्रकाश अपनी टीम के साथ महाविद्यालय प्रांगण में मौजूद रहें।
इसी क्रम में रासेयो अधिकारी डॉ. रामकुमार व्यास के साथ गोद ली गयी कच्ची बस्ती भाटों के बास में आज स्वयंसेविकाओं द्वारा वहां रहने वाले बच्चों एवं प्रौढ़ महिलाओं को साक्षरता मिशन के तहत अक्षर ज्ञान का अभ्यास चलाया गया वहां के अशिक्षित बच्चों एवं महिलाओं को अक्षर ज्ञान करवाया गया। स्वयंसेविकाओं के बनाये गये समूह ने न सिर्फ अक्षर ज्ञान करवाया बल्कि वहां के बच्चों को  प्रेरित करने के लिए खाद्य सामग्री का वितरण भी किया। समूह में पूजा व्यास, कनक, चंचल किराडू, हर्षिता, साक्षी सुथार, तथा कुमकुम व्यास आदि कई छात्राऐं शामिल थी।
श्री गजानंद जी व्यास अंग्रेजी व्याख्याता के दिशा निर्देशन में वर्तमान में आयोजित होने वाले युवा सम्बल मेले में छात्राओं को रजिस्ट्रेषन करने के लिए प्रेरित किया जिसमें लगभग 25 छात्राओं ने अपने आप को क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीकृत किया। रोजगार कार्यालय से पधारे श्री नगेन्द्र किराडू ने बच्चों को ऑनलाइन क्यूआर कोड़ से डाटा फीड करने की तकनीक के बारे में बताया।
शिविर के अन्तिम चरण में महाविद्यालय व्याख्याता इंजीनियर मुकेष बोहरा ने छात्राओं को वर्तमान समय के तकनीकी अवसरों को किस प्रकार अपने पक्ष में प्रयोग लिया जा सकता है उसके बारे में जानकारी दी। जानकारी देते हुए श्री बोहरा ने कहा कि ‘‘दक्षता प्राप्त व्यक्ति अगर अवसर का सही चयन कर सकता है तो वो अपने भविष्य को सफल बना सकता है।’’ श्री बोहरा ने तकनीकी क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का परिचय देते हुए बताया कि आर्टिफिशियल टैक्नीक वर्तमान समय का सबसे बड़ा तकनीकी औजार है जिससे सफलता का प्रत्येक ताला खोला जा सकता है।
आज के शिविर के अन्तिम चरण में छात्राओं द्वार अपने स्वरों में कविता पाठ एवं संगीत रहित गीतों की प्रस्तुति दी जिसपर छात्राओं ने पूर्ण सहयोग किया। इसी क्रम में स्वयं सेविकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें विभिन्न गीतों पर नृत्य द्वारा महाविद्यालय सभागार तालियों की ताल से गूंज गया।
कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अरूणा आचार्य के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ जिसमें आगन्तुकों को स्मृति चिह्न रासेयो प्रभारी डॉ. अनिता मोहे एवं डॉ. रामकुमार व्यास द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक व्यास ने किया।