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इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के ठेका कर्मियों का फूटा गुस्सा: बकाया पीएफ और वेतन वृद्धि न मिलने पर दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी, विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

 
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। बीकानेर के अभियांत्रिकी महाविद्यालय (इंजीनियरिंग कॉलेज) में श्रम आपूर्तिकर्ता (ठेकेदार) के माध्यम से कार्यरत अशैक्षणिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। कर्मचारियों ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी को ज्ञापन सौंपकर बकाया पीएफ (PF) भुगतान और नई निविदा के तहत उचित मानदेय दिलाने की गुहार लगाई है। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे कानूनी रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

क्या है पीएफ (PF) का पूरा मामला?

कर्मचारियों द्वारा दिए गए पत्र के अनुसार, साल 2012 से 2018 के बीच कर्मचारियों के पीएफ कटौती की गणना गलत तरीके से की गई थी। इस मामले में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने जांच कर भुगतान के आदेश दिए थे। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने कमेटी बनाकर पीएफ की पुन: गणना की और फरवरी/मार्च 2025 में प्रथम किश्त का भुगतान कर दिया। लेकिन, शेष बकाया पीएफ का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया है।

नई निविदा और वेतन को लेकर असंतोष

ज्ञापन में बताया गया है कि महाविद्यालय में अक्टूबर 2025 में नई निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी की गई और नवंबर 2025 से इसे लागू भी कर दिया गया।

  • ​नई निविदा में 475, 675, 775 और 850 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान का प्रावधान है।
  • ​कर्मचारियों की मांग है कि जो कर्मी इस प्रक्रिया के तहत उच्च कुशल श्रेणी में आते हैं, उन्हें 850 रुपये प्रतिदिन की दर से मानदेय दिया जाए।

5 प्रतिशत इंक्रीमेंट भी अटका

कर्मचारियों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन को पहले ही पत्र लिखकर सूचित कर दिया गया था कि नई निविदा लागू करने से पहले कर्मचारियों की जुलाई 2025 की 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) और बकाया पीएफ का ब्याज सहित भुगतान किया जाए। नई निविदा लागू हुए महीने बीत गए, लेकिन न तो 5% की बढ़ोतरी दी गई और न ही बकाया पीएफ मिला।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

अपने पत्र के अंत में समस्त अशैक्षणिक कर्मचारियों ने कड़े शब्दों में लिखा है कि यदि उनके बकाया पीएफ का भुगतान और उच्च कुशल श्रेणी का वेतन नहीं दिया गया, तो वे श्रम विभाग के नियमों के तहत अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण लेंगे। उन्होंने साफ किया है कि इस न्यायिक प्रक्रिया में होने वाले सभी हर्जे-खर्चे की पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।

​इस ज्ञापन की प्रतिलिपि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति और कुलसचिव को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई है। पत्र पर रामकिशन, फिरोज भाटी, साजिद अली,मनोज व्यास धर्मा राम,चंद्रवीर, सहित दर्जनों कर्मचारियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।