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पुष्करणा सावे के उल्लास में खलल डाल रहे है गोवंश, शहरवासियों की गौपालो और प्रशासन से अपील

 
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। मरुधरा की काशी कहे जाने वाले बीकानेर में 10 फरवरी को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक पुष्करणा सावे को लेकर पूरा शहर उत्साह से लबरेज है। परकोटे का हर कोना दुल्हन की तरह सजा हुआ है और प्रशासन भी अपनी तरफ से पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। हर गली-मोहल्ले में लोग सज-धज कर मेहमानों के स्वागत को आतुर हैं, लेकिन इस उत्सवी माहौल के बीच एक बड़ी समस्या रंग में भंग डालने का काम कर रही है।

परकोटे में सांडों का आतंक

शहर के अंदरूनी हिस्सों (परकोटे) में खुले आम घूम रहा गोवंश और आवारा सांड आमजन के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इनमें कई ऐसे सांड हैं जिनका कोई मालिक नहीं है और वे अक्सर आपस में भिड़ते रहते हैं। इनकी वजह से न केवल जान का जोखिम बना हुआ है, बल्कि संपत्ति को भी नुकसान पहुंच रहा है।

ताजा घटनाक्रम: गौरतलब है कि कल ही एक गली में सांडों की लड़ाई की चपेट में आने से घर के आगे खड़े तीन-चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे।

 

रास्ते हो रहे जाम, मेहमानों के स्वागत में दिक्कत

शादी-विवाह के इस सीजन में कई परिवारों ने भवन न मिलने या जगह की कमी के चलते घरों के आगे टेंट लगाकर मेहमानों के स्वागत की व्यवस्था की है। ऐसे में सड़कों और चौक-चौराहों पर डेरा जमाए गोवंश के कारण रास्तों से निकलना मुश्किल हो रहा है। गोपालक अपनी गायें खुली छोड़ देते हैं, जिससे पैदल राहगीरों और वाहनों के आवागमन में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है।

प्रशासन और गोपालकों से अपील

इस समस्या को देखते हुए शहरवासियों ने प्रशासन से स्वत: संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही की मांग की है। साथ ही, सभी गोपालकों से भी एक विशेष अपील की गई है:

  • समाज के ऐतिहासिक और भव्य कार्यक्रम में सहभागिता निभाएं।
  • अपने गोवंश को कुछ दिनों के लिए खुले में न छोड़ें।
  • शादी वाले घरों और बाहर से आने वाले मेहमानों की सुविधा का ध्यान रखें ताकि किसी भी प्रकार का विघ्न न पड़े।