उष्ट्र वाहिनी माताजी मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई दुर्गाष्टमी व रामनवमी
वेद मंत्रों से गूंजा मंदिर परिसर
कार्यक्रम की शुरुआत में मंदिर के पुजारी पं. शान्ति स्वरुप रंगा के सानिध्य में ग्यारह वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती पाठ का आयोजन किया गया। रामनवमी के पावन अवसर पर वरिष्ठ रामायण पाठी विष्णुदत्त जी रंगा एवं वरिष्ठ मानसपाठियों द्वारा सुन्दरकाण्ड का संगीतमय पाठ भी किया गया। इन धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात 108 कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें भोजन करवाया गया।
महाआरती और भजन संध्या का आयोजन
शाम के समय आयोजित महाआरती में भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं द्वारा माता को ध्वजा, नारियल, मिश्री, पताशा और विभिन्न फलों का भोग अर्पित किया गया।
रात्रिकालीन वेला में अरुण दत्त रंगा के सानिध्य में एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एस.एस. रंगा, नवरतन, सुनिलदत्त, अनिलदत्त, शंकरदत्त, हनुमान, गोपाल नारायण बाबू, पठान, अंशु-तन्शु, श्रीधर, केशू, निहारिका, शकुन रंगा एवं हर सिद्धि ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन भमन सेठ एवं इति श्री द्वारा किया गया।