फाल्गुन माह में उमड़ा आस्था का सैलाब: खाटू श्याम की भव्य निशान यात्रा से श्याममय हुआ बीकानेर
फाल्गुन मास के पावन अवसर पर छोटी काशी कहे जाने वाले बीकानेर में आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। “खर्चो भेज दे सांवरिया, फागण आयो रे…” की गूंज और "जय श्री श्याम" के गगनभेदी जयकारों के बीच शहर में खाटू श्याम बाबा की भव्य निशान यात्रा धूमधाम से निकाली गई। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर इस यात्रा में पूरा शहर श्याममय नजर आया।
भजनों पर झूमे भक्त, सजी आकर्षक झांकियां
निशान यात्रा में महिला-पुरुष, युवा और बच्चे अपने हाथों में श्री श्याम का पवित्र निशान (ध्वज) थामे जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। मार्ग में जगह-जगह आकर्षक और सचेतन झांकियां सजाई गईं, जिनमें बाबा की लीलाओं का सुंदर चित्रण किया गया। ढोल-नगाड़ों और चंग की थाप पर भक्त भाव-विभोर होकर नृत्य करते रहे, जिससे फागोत्सव की अद्भुत छटा बिखर गई। यात्रा का विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं के लिए जलपान व सेवा शिविर लगाए गए।
पब्लिक पार्क में महाप्रसाद, ट्रस्ट ने किया स्वागत
भक्तिरस में डूबी यह निशान यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए पब्लिक पार्क पहुंची। यहां सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन स्वरूप प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। सेवा भाव से ओतप्रोत कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला। इसके पश्चात यात्रा मंदिर परिसर पहुंची, जहां मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने पुष्प वर्षा कर सभी भक्तों का आत्मीय स्वागत किया।
रंगभरी एकादशी के लिए मंदिर में विशेष प्रबंध
आगामी रंगभरी एकादशी के अवसर पर दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया है और एक विशाल पंडाल का निर्माण किया गया है। बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए पेयजल और छाया की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, दर्शनार्थियों की कतारों को सुव्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं ताकि हर भक्त को आसानी से बाबा के दर्शन हो सकें।
फाल्गुन माह में आयोजित इस निशान यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ बीकानेर में सामाजिक समरसता और सामूहिक भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।