महिलाओं के सम्मान पर चोट, चिकित्सा मंत्री खींवसर दें इस्तीफा : ऐडवा
Jun 12, 2026, 17:55 IST
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर, 12 जून। पीबीएम अस्पताल के गायनी विभाग में डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (ऐडवा) ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के कथित बयान के विरोध में पीबीएम अस्पताल के प्रसूति विभाग के सामने प्रदर्शन कर उनका पुतला दहन किया।
संगठन की राज्य महासचिव डॉ. सीमा जैन ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की गंभीर स्थिति और अस्पताल प्रशासन की कथित लापरवाही सामने आने के बावजूद चिकित्सा मंत्री द्वारा महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक और संवेदनहीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का बयान महिलाओं की गरिमा और सम्मान के खिलाफ है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं और चिकित्सा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। बाद में मंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. सीमा जैन ने कहा कि प्रसूताओं की किडनी फेल होने का मामला अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेने के बजाय असंवेदनशील रवैया अपना रहे हैं।
ऐडवा की प्रमुख मांगें
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए।
मंत्री महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों और संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
प्रभावित प्रसूताओं को उचित मुआवजा और निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए।
प्रदर्शन में डॉ. दुर्गा चौधरी, रमजानी, बिंदु जैन, फरजाना, रहमत बानो, रजिया बानो, जुम्मी, उर्मिला बिश्नोई सहित कई महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बीकानेर संभाग सहित प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
संगठन की राज्य महासचिव डॉ. सीमा जैन ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की गंभीर स्थिति और अस्पताल प्रशासन की कथित लापरवाही सामने आने के बावजूद चिकित्सा मंत्री द्वारा महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक और संवेदनहीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का बयान महिलाओं की गरिमा और सम्मान के खिलाफ है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं और चिकित्सा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। बाद में मंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. सीमा जैन ने कहा कि प्रसूताओं की किडनी फेल होने का मामला अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेने के बजाय असंवेदनशील रवैया अपना रहे हैं।
ऐडवा की प्रमुख मांगें
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए।
मंत्री महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों और संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
प्रभावित प्रसूताओं को उचित मुआवजा और निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए।
प्रदर्शन में डॉ. दुर्गा चौधरी, रमजानी, बिंदु जैन, फरजाना, रहमत बानो, रजिया बानो, जुम्मी, उर्मिला बिश्नोई सहित कई महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बीकानेर संभाग सहित प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।