धूमधाम से मनाया गया स्व.सरोज भटनागर का जन्मोत्सव
पांच विभूतियों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि डॉ.महेन्द्र खड़गावत संयुक्त शासन सचिव श्रम विभाग, राजस्थान सरकार ने कहा कि बीकानेर के साहित्य कला एवं संस्कृति के वैभव के साथ यहां का अलमस्त अपन्तव हि असली बीकानेरीयत है जिस पर हर बीकानेरी को गर्व होता है। डॉ. खड़गावत ने इस संदर्भ में कहा की इन कलानुशासनो की प्रतिभाओं ने अपनी काबिलियत और प्रतिभा के रूप में देश भर में नगर का गौरव बढ़ाया है। सरोज भटनागर की उद्घोषणा कला के बारे में डॉ.खड़गावत ने कहा कि वे पहली महिला उद्घोषक रहीं और उनके कारण ही अनेक महिलाएं इस क्षेत्र में आने का हौसला कर पाई। डॉ. खड़गावत ने जन्मोत्सव के अवसर पर नगर की पांच विभूतियों को सम्मानित करने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि सरोज भटनागर स्मृतियों को अक्षुण रखने का इससे बेहतर दूसरा जरिया नहीं हो सकता। उन्होंने संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि मुझे इस बात का गर्व है कि मैं बीकानेर जैसे शहर का नागरिक हूं। उन्होंने संस्थान के आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सिलसिला अनवरत जारी रखना चाहिये।
आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए संस्कृतिकर्मी, कीर्तिषेष सरोज भटनागर स्मृति संस्थान के प्रबंधक नंदकिशोर सोलंकी (नंदू भाई) ने बताया कि स्व.सरोज भटनागर की स्मृति में उनकी जयंती को उत्सव के रूप में मनाने के साथ साथ नगर की पांच विभूतियों को सम्मानित किया गया। सोलंकी ने बताया कि प्रथम वर्ष के इस सम्मान समारोह में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.प्रभा भार्गव, वरिष्ठ रंगकर्मी प्रदीप भटनागर, वरिष्ठ संगीतज्ञ मोहनलाल शर्मा और डॉ.अशोक शर्मा तथा शिक्षाविद् प्रो.दीपाली धवन को उनकी विभिन्न क्षेत्रों में दिये गये जीवन पर्यन्त अवदान की सराहना में सरोज भटनागर स्मृति सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के आरम्भ में अतिथियों द्वारा सरस्वती माता की प्रतिमा व स्व. सरोज भटनागर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पण व दीप प्रज्वलन के साथ शुभारम्भ किया गया वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार राजेन्द्र स्वर्णकार ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों तथा सम्मानित विभूतियों का स्वागत करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार श्री कमल रंगा ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया और अतिथियों तथा नगर भर के गणमान्यजन की बड़ी संख्या में उपस्थिति को नगर का सरोज दीदी के प्रति गहरा अनुराग बताया। सरोज दीदी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए
कमल ने बताया कि सरोज भटनागर ने जीवन भर अनुशासन, शुचिता को आत्मसात किया और ईश्वर प्रदत्त प्रतिभा से इस शहर को गौरवान्वित किया। सरोज दीदी के जीवन से जुड़े कई संस्मरणों को रविन्द्र सुतार ने साझा किया।
सम्मानित विभूतियों के अभिनंदन पत्र का वाचन आकाशवाणी बीकानेर से जुड़े हुए उद्घोषकों, प्रतिमा तिवाड़ी, रामसहाय हर्ष, नासिर ज़ैदी, रेखा भाटी एवं आत्माराम भाटी द्वारा किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ शाइर बुनियाद हुसैन ज़हीन ने सरोज भटनागर पर केन्द्रित एक नज़्म प्रस्तुत की। अतिथियों का अभिनंदन शांति लाल सुराणा, मधु आचार्य आशावादी, कमल रंगा, निलय सोलंकी, प्रमोद शर्मा, हरीश बी.शर्मा, राजाराम स्वर्णकार, मिलिंद पाण्डेय, अभिषेक आचार्य, जेठाराम गहलोत, राजेन्द्र जोशी, सत्यनारायण पंवार, महेश उपाध्याय, रमेश सुराणा, संतोष शर्मा, गोपाल गौतम, खुशहाल वर्मा, डॉ. अजय जोशी, लियाकत अली, शकूर सिसोदिया ने किया।
सम्मानित विभूतियों को अवार्ड व अभिनंदन पत्र समारोह अध्यक्ष जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास एवं मुख्य अतिथि डॉ.महेन्द्र खड़गावत द्वारा प्रदान किया गया तथा माला, शॉल, श्रीफल, साफा आदि द्वारा स्वागत निकिता सोलंकी, सविता अग्रवाल, डिम्पल पुरोहित, कुलदीप सिंह, ललित सिंह, विप्लव व्यास, विपिन पुरोहित, सुरेश आचार्य, डॉ.फारूख चौहान, जाकिर अदीब, शिवचरण, दीपिका श्रीमाली ने किया। महाराजा नरेन्द्र सिंह ऑडिटोरियम में बड़ी संख्या में पधारे विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्यजन की उपस्थिति से सम्मान समारोह एवं जन्मोत्सव स्मरणीय बन गया। इनमें दीपचंद सांखला, जे.पी.व्यास, राजबिहारी माथुर, कैलाश चन्द्र आसवानी, गिरीराज पारीक, मदनमोहन ओझा, विक्रम स्वामी, जाहिद हुसैन, असद अली असद, संदीप भाटी, बजरंग लाल, इमरान, अफजल हुसैन, इसरार कादरी, केदारनाथ सुथार, राजहंस गहलोत, कंवरलाल सुराणा, बाबूसिंह कच्छावा, मयंक पारीक, दीपक पारीक, अशोक गौतम, पवन कुमार भाटी, विकास वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। संस्थान की ओर से आभार ज्ञापन शांति लाल सुराणा ने किया जबकि कार्यक्रम का संचालन संजय पुरोहित ने किया।