बिनानी कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय विषेष शिविर के दूसरे दिन पत्रकारिता पर आयोजित कार्य्रकम
रासेयो के प्रथम सत्र का प्रारम्भ रासेयो प्रभारी डॉ. अशोक व्यास द्वारा के दिषा निर्देशन में महाविद्यालय प्रांगण की सफाई अभियान से हुआ। महाविद्यालय की स्वयं सेविकाओं ने महाविद्यालय के खुले मैदान में आयी हुई कंटीली झाड़ियों की सफाई के अलावा जगह-जगह अनावश्यक खरपतवार की सफाई की। दूसरी इकाई ने कक्षा-कक्षों की सफाई के साथ छत-पंखों एवं खिड़कियों पर जमी धूल की सफाई की। छात्राओं के एक ग्रुप ने महाविद्यालय के फलों वाले बाग में क्यारियों को साफ कर पौधों की कटाई कर उन्हें दूरस्त किया।
कार्यक्रम का अगला चरण महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में उपस्थित मुख्य अतिथि श्री अनुराग हर्ष एवं हरीष बी. शर्मा के स्वागत सत्कार के साथ हुआ। जहां छात्राओं ने रासेयो के गीत उठे समाज के लिए उठे बढ़े के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की कार्यक्रम के प्रारम्भ में आये हुए आगंतुकों का पुष्प गुच्छ भेट कर अंग्रेजी व्याख्याता श्री गजानन्द ने स्वागत किया। वहीं दूसरी और कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ.अशोक व्यास ने दोनों पत्रकारों के जीवन परिचय का वर्णन करते हुए बताया कि वे किस तरह इस मुकाम पर पहुंचे है।
‘‘पत्रकारिता मन को प्रश्नों से जोड़ने की तकनीक’ जैसे शब्दों को उच्चारित करते हुए। पत्रकारिता एवं वर्तमान समय पर बोलते हुए दैनिक भास्कर डिजीटल मीडिया के सम्पादक श्री अनुराग हर्ष ने स्वयंसेविकाओं को बताया कि आप सभी स्वयंसेविका भारत का भविष्य है वर्तमान समय में सोशल मीडिया का जमाना है जहां पर अधिकतम बातें डिजिटल प्रारूप में सम्पन्न हो जाती है। उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी बोलने एवं प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता को कायम रख सकता है। तो निश्चित ही वह पत्रकार है। व्यक्ति अगर अपने मन आने वाले विभिन्न प्रश्नों की तह तक जाकर उसके परिणामों को खोज सकता है वह पत्रकार बन सकता है। अपने जीवन वृतांत को बताते हुए उन्होंने कहा कि पहले में छोटे छोटे आर्टिकल लिखता था बाद में समाज में आने वाली विभिन्न कठिनाइयों पर विश्लेषण कर लेखन कला को विकसित करता रहा। वर्तमान समय सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ है तो कुछ वस्तुओं को डिजिटल मोड में भी प्रकाशित करता रहता हूं श्री हर्ष ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पत्रकारिता के लिए छोटे-छोटे प्रेरक कथन लिखकर सोशल मीडिया पर प्रेषित करते रहे। धीरे-धीरे उनके लिखने व सोचने में अपने आप फर्क आ जायेगा।
न्यूज पेपर सिर्फ कागज नहीं है बल्कि आपके ज्ञान के विकास का मार्ग है उन्हें देखे नहीं बल्कि अध्ययन करें। ये शब्द थे, कथानक के प्रधान संपादक श्री हरीश बी. शर्मा के उन्होंने अपने उद्बोधन में छात्राओं को बताया कि वर्तमान समय पत्रकारिता का समय है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने का अधिकार है अपने अधिकारों व सामाजिक कठिनाइयों के लिए अगर कोई व्यक्ति प्रखर होकर अपनी आवाज बुलन्द करता है तो वह भी पत्रकारिता की श्रेणी में ही आता है। उन्होंने डिजीटल मीडिया पर आने वाली न्यूज एंकर का हवाला देते हुए बताया कि अगर आप किसी घटना को शब्दों में पिरोना जानते हो तो आप अच्छे न्यूज एंकर बन सकते हो। बेबाक स्वभाव प्रश्न करने की हिम्मत व्यक्ति को पत्रकारिता की तरफ लेकर जाती है। श्री हरीश बी. शर्मा ने अपने द्वारा सम्पादित पुस्तक कथानक को वर्णित करते हुए कहा कि किस तरह शब्दों को वर्तमान परिस्थितियों के साथ जोड़ कर उसे प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने स्वयं सेविकाओं को प्रतिदिन कम से कम दो समाचार पत्र गहनता से पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय में पधारे आगन्तुकों को धन्यवाद देते हुए रासेयो प्रभारी डॉ. रामकुमार व्यास ने बताया कि वर्तमान समय निश्चित ही सोशल मीडिया का समय है परन्तु इसका प्रयोग सावधानी से किया जाये तो बेहतर होगा।
मुख्य अतिथियों को डॉ. सुमन जोषी एवं गजानन्द व्यास द्वारा महाविद्यालय स्मृति चिह्न भेट कर धन्यवाद दिया गया। अन्तः में संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा हम होंगे कामयाब गीत की संगीतमय प्रस्तुति दी गयी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक व्यास ने किया।
बिनानी कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय विषेष शिविर के दूसरे दिन मुख्य अतिथि दैनिक भास्कर के डिजिटल इकाई के सम्पादक श्री अनुराग हर्ष एवं कथानक के मुख्य संपादक श्री हरीश बी. शर्मा थे।
रासेयो के प्रथम सत्र का प्रारम्भ रासेयो प्रभारी डॉ. अशोक व्यास द्वारा के दिषा निर्देशन में महाविद्यालय प्रांगण की सफाई अभियान से हुआ। महाविद्यालय की स्वयं सेविकाओं ने महाविद्यालय के खुले मैदान में आयी हुई कंटीली झाड़ियों की सफाई के अलावा जगह-जगह अनावश्यक खरपतवार की सफाई की। दूसरी इकाई ने कक्षा-कक्षों की सफाई के साथ छत-पंखों एवं खिड़कियों पर जमी धूल की सफाई की। छात्राओं के एक ग्रुप ने महाविद्यालय के फलों वाले बाग में क्यारियों को साफ कर पौधों की कटाई कर उन्हें दूरस्त किया।
कार्यक्रम का अगला चरण महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में उपस्थित मुख्य अतिथि श्री अनुराग हर्ष एवं हरीष बी. शर्मा के स्वागत सत्कार के साथ हुआ। जहां छात्राओं ने रासेयो के गीत उठे समाज के लिए उठे बढ़े के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की कार्यक्रम के प्रारम्भ में आये हुए आगंतुकों का पुष्प गुच्छ भेट कर अंग्रेजी व्याख्याता श्री गजानन्द ने स्वागत किया। वहीं दूसरी और कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ.अशोक व्यास ने दोनों पत्रकारों के जीवन परिचय का वर्णन करते हुए बताया कि वे किस तरह इस मुकाम पर पहुंचे है।
‘‘पत्रकारिता मन को प्रश्नों से जोड़ने की तकनीक’ जैसे शब्दों को उच्चारित करते हुए। पत्रकारिता एवं वर्तमान समय पर बोलते हुए दैनिक भास्कर डिजीटल मीडिया के सम्पादक श्री अनुराग हर्ष ने स्वयंसेविकाओं को बताया कि आप सभी स्वयंसेविका भारत का भविष्य है वर्तमान समय में सोशल मीडिया का जमाना है जहां पर अधिकतम बातें डिजिटल प्रारूप में सम्पन्न हो जाती है। उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी बोलने एवं प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता को कायम रख सकता है। तो निश्चित ही वह पत्रकार है। व्यक्ति अगर अपने मन आने वाले विभिन्न प्रश्नों की तह तक जाकर उसके परिणामों को खोज सकता है वह पत्रकार बन सकता है। अपने जीवन वृतांत को बताते हुए उन्होंने कहा कि पहले में छोटे छोटे आर्टिकल लिखता था बाद में समाज में आने वाली विभिन्न कठिनाइयों पर विश्लेषण कर लेखन कला को विकसित करता रहा। वर्तमान समय सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ है तो कुछ वस्तुओं को डिजिटल मोड में भी प्रकाशित करता रहता हूं श्री हर्ष ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पत्रकारिता के लिए छोटे-छोटे प्रेरक कथन लिखकर सोशल मीडिया पर प्रेषित करते रहे। धीरे-धीरे उनके लिखने व सोचने में अपने आप फर्क आ जायेगा।
न्यूज पेपर सिर्फ कागज नहीं है बल्कि आपके ज्ञान के विकास का मार्ग है उन्हें देखे नहीं बल्कि अध्ययन करें। ये शब्द थे, कथानक के प्रधान संपादक श्री हरीश बी. शर्मा के उन्होंने अपने उद्बोधन में छात्राओं को बताया कि वर्तमान समय पत्रकारिता का समय है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने का अधिकार है अपने अधिकारों व सामाजिक कठिनाइयों के लिए अगर कोई व्यक्ति प्रखर होकर अपनी आवाज बुलन्द करता है तो वह भी पत्रकारिता की श्रेणी में ही आता है। उन्होंने डिजीटल मीडिया पर आने वाली न्यूज एंकर का हवाला देते हुए बताया कि अगर आप किसी घटना को शब्दों में पिरोना जानते हो तो आप अच्छे न्यूज एंकर बन सकते हो। बेबाक स्वभाव प्रश्न करने की हिम्मत व्यक्ति को पत्रकारिता की तरफ लेकर जाती है। श्री हरीश बी. शर्मा ने अपने द्वारा सम्पादित पुस्तक कथानक को वर्णित करते हुए कहा कि किस तरह शब्दों को वर्तमान परिस्थितियों के साथ जोड़ कर उसे प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने स्वयं सेविकाओं को प्रतिदिन कम से कम दो समाचार पत्र गहनता से पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय में पधारे आगन्तुकों को धन्यवाद देते हुए रासेयो प्रभारी डॉ. रामकुमार व्यास ने बताया कि वर्तमान समय निश्चित ही सोशल मीडिया का समय है परन्तु इसका प्रयोग सावधानी से किया जाये तो बेहतर होगा।
मुख्य अतिथियों को डॉ. सुमन जोषी एवं गजानन्द व्यास द्वारा महाविद्यालय स्मृति चिह्न भेट कर धन्यवाद दिया गया। अन्तः में संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा हम होंगे कामयाब गीत की संगीतमय प्रस्तुति दी गयी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक व्यास ने किया।