तुलसीदास जयंती पर 101 मंदिरों में गूंजेगा सुंदरकांड, उधर शहर का 'तुलसी सर्किल' बदहाल
बीकानेर | संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती (19 अगस्त) के अवसर पर बीकानेर के 101 मंदिरों में सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया जाएगा। एक ओर जहां पूरे शहर में संत श्री की जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने की तैयारियां की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के एकमात्र तुलसी सर्किल की बदहाली धर्मप्रेमियों के लिए गहरी चिंता और निराशा का विषय बनी हुई है।
प्रतिमा पर कबूतरों का डेरा, रखरखाव का घोर अभाव
श्रीरामचरितमानस के जरिए श्रीराम भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने वाले महान संत की स्मृति में बने तुलसी सर्किल पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। वर्तमान में प्रतिमा पर कबूतरों का डेरा है और चारों तरफ गंदगी पसरी हुई है। महापुरुषों के स्मृति स्थलों की इस अनदेखी को देखकर स्थानीय नागरिकों और रामभक्तों में भारी नाराजगी है।
प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल और प्रमुख मांगें
मानस पाठी श्रीमोहन पुरोहित सागरसा ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीकानेर अपनी सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के लिए विख्यात है। ऐसे में संतों और महापुरुषों के स्मृति स्थलों की उचित देखरेख होना नितांत आवश्यक है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शासन-प्रशासन को केवल वीआईपी आवभगत तक सीमित न रहकर शहर के धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों की भी सुध लेनी चाहिए।
प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें:
- तुलसी सर्किल की तत्काल प्रभाव से साफ-सफाई करवाई जाए।
- सर्किल का रंग-रोगन कर आवश्यक मरम्मत का कार्य पूर्ण किया जाए।
- संत गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा की नियमित साफ-सफाई एवं देखरेख के लिए एक स्थायी व्यवस्था लागू की जाए।
धर्मप्रेमियों ने स्पष्ट किया है कि 19 अगस्त को जब बीकानेर के मंदिरों में सुंदरकांड की चौपाइयां गूंजेंगी, तब तुलसी सर्किल को भी स्वच्छ और भव्य स्वरूप देकर ही संत श्री के प्रति सच्चा सम्मान प्रकट किया जा सकेगा।