परबतसर राजस्थान में बाबा लखी शाह बंजारा की 446वीं जन्म जयंती धूमधाम से मनाई गई
परबतसर में 4 जुलाई 2026 को बाबा लखी शाह बंजारा की 446वीं जन्म जयंती बड़े उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों, युवाओं एवं समाजबंधुओं ने भाग लेकर बाबा लखी शाह बंजारा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री श्रवण जी बिसलावत ने कहा कि ऐसे आयोजनों का नियमित रूप से आयोजन होना चाहिए, जिससे समाज को अपने गौरवशाली इतिहास एवं महापुरुषों के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके।
विशिष्ट अतिथि श्री सूरजपाल बड़तिया (AIBSS ) ने बंजारा समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य स्तरीय आयोजनों के माध्यम से समाज को संगठित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगामी 18 जुलाई को आयोजित होने वाली बंजारा आह्वान रैली में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि श्री महेश जी मालावत ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में समाज एवं संगठन को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही सरकार से सहयोग प्राप्त कर सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों को अपने महापुरुषों के इतिहास और योगदान से परिचित करा सकता है।
मुख्य वक्ता तुलछा राम (बीकानेर) ने बाबा लखी शाह बंजारा के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अपने समय के महान व्यापारी, ठेकेदार एवं निर्माता थे। उन्होंने बताया कि बंजारा समाज व्यापारिक मार्गों पर झीलों, तालाबों, बावड़ियों और सरायों का निर्माण करवाता था, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलती थी। उन्होंने बंजारा समाज की व्यापारिक समृद्धि तथा ऐतिहासिक योगदान का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बाबा लखी शाह बंजारा और सिख गुरुओं के प्रति उनकी श्रद्धा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के समय बाबा लखी शाह बंजारा ने अद्वितीय साहस और गुरु-भक्ति का परिचय दिया, जिसके कारण आज भी सिख समाज उन्हें अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखता है।
कार्यक्रम में पवन जी ने गुरु-शिष्य परंपरा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज को अपने संस्कारों और मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिकों में राकेश जी बिसलावत, दीपक जी, अजय जी, किशोर जी, छितर जी सहित अनेक समाजबंधु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन बाबा लखी शाह बंजारा के आदर्शों पर चलने तथा समाज की एकता, शिक्षा और संगठन को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।