कृष्ण और सुदामा की मित्रता का बड़ा संबंध है पंडित मोहन शरण जी महाराज
बीकानेर- पवनपुरी दक्षिण विस्तार योजना सेक्टर नंबर 6 के मधुबन पार्क में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन हुआ कथा वाचक पंडित मोहन शरण व्यास जी गोवर्धन वाले सप्तम दिवस पर कृष्ण सुदामा की मित्रता के प्रसंग का वर्णन किया।उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता कृष्ण सुदामा जैसी होनी चाहिए सच्ची मित्रता वही है जो अपने मित्र को परेशानी में समझे और बिना बताए ही मदद करें।
मित्रता स्वार्थ से भारी नहीं होनी चाहिए कथावाचक ने कहा कि सुदामा चरित्र हमें जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की सीख देता है सुदामा ने भगवान के पास होते हुए भी अपने लिए कुछ नहीं मांगा अर्थात निस्वार्थ समर्पण ही असली मित्रता का बड़ा संबंध है।
कथा के दौरान भजनों का गायन और नृत्य हुए इस अवसर पर कृष्ण सुदामा की भूमिका सजाई गई संजीव झांकी में कृष्ण की भूमिका सूरज कंवर ,रुक्मणी की भूमिका नूपुर कंवर व सुदामा की भूमिका राजकुमार भाटिया द्वारा निभाई गई।
राजकुमार भाटिया ने इस अवसर पर कहा -
जीव जगत की जाल में, जीना सबका विचित्र।
सबका स्नेह मिलता रहे, में कृष्ण सुदामा मित्र।।
कार्यक्रम में प्रताप सिंह, अमर सिंह, मनीष , डॉक्टर कन्हैया लाल, व बड़ी संख्या में महिलाएं बच्चों आदि शामिल हुए।