जांच और आरटीई भुगतान को लेकर सेवा संगठन ने विभाग के सामने रखी समस्याएं
बीकानेर। गैर सरकारी स्कूलों से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर सेवा संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपनिदेशक आरटीई चंद्र किरण से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने शाला संबलन, आरटीई भुगतान तथा नॉन-आरटीई विद्यार्थियों की संख्या 75 प्रतिशत से कम या शून्य होने की स्थिति में रोके गए बिलों सहित अन्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
चर्चा के दौरान उपनिदेशक ने बताया कि शाला संबलन के तहत वर्ष में एक बार जांच की जाएगी। वहीं आरटीई भुगतान को लेकर उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से तैयारियां पूरी हैं, लेकिन वित्त विभाग में पोर्टल माइग्रेशन के कारण भुगतान में देरी हो रही है।
नॉन-आरटीई विद्यार्थियों के नहीं होने के कारण रोके गए बिलों की समस्या के संबंध में उपनिदेशक ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 20 जुलाई को किए गए विरोध-प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त निदेशक के साथ हुई वार्ता में प्रतिदिन मंडल को आश्वस्त किया गया था कि जांच नहीं होगी। इसके बावजूद अब जांच की प्रक्रिया शुरू होने पर संगठन ने नाराजगी जताई। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि उस समय आंदोलन को केवल रोका गया था, समाप्त नहीं किया गया था।
प्रतिनिधिमंडल में संगठन के मीडिया प्रभारी शैलेष भादारी, नगर संयोजक शैलेंद्र यादव और प्रमोद भादू मौजूद रहे।