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तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों की मांग पर उग्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका

 

बीकानेर, 17 जुलाई, 2026, राजस्थान शिक्षक संघ (शे) एसटीएफआई के प्रान्तीय आव्हान पर संगठन ने संभाग मुख्यालय पर आक्रोश सभा आयोजित कर संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा से वार्ता कर शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा। बीकानेर जिलाध्यक्ष  सुरेन्द्र सिंह भाटी और जिला मंत्री अरूण गोदारा ने बताया कि शिक्षकों की ज्वलंत मांगों को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने  विरोध प्रदर्शन कर संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा, बीकानेर के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर शिक्षकों की ज्वलंत मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की है। 
       जिला मंत्री अरूण गोदारा ने संगठन के मांग पत्र की जानकारी देते हुए बताया कि 2012 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता खत्म करने, थर्ड ग्रेड शिक्षकों एवं प्रबोधकों के स्थानांतरण और पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू किये जाने, पे प्रोटेक्शन के नाम पर अवैध वसूली बंद करने, आगामी शैक्षिक सत्र एक जुलाई से प्रारंभ किये जाने, पोषाहार (MDM) और ट्रांसपोर्ट वाउचर का लंबे समय से बकाया भुगतान अविलंब किये जाने, सभी विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ, बिजली-पानी और कमरों की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, विद्यालयों की स्वच्छता हेतु प्रत्येक विद्यालय में नियमित सफाई कर्मचारी की नियुक्ति किये जाने, सभी संवर्गो के लिए स्थाई स्थानांतरण नीति लागू कर स्थानांतरण किए जाने, एक अप्रैल 2026 तक की डीपीसी (DPC) प्रक्रिया पूर्ण किये जाने, सभी नवक्रमोन्नत स्कूलों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी किये जाने, नव चयनित समस्त शारीरिक शिक्षकों के स्थाईकरण आदेश जारी किए जाने, RGHS योजना को मजबूत कर अनवरत जारी रखे जाने आदि मांगों को लेकर संगठन लम्बे समय से आन्दोलन कर रहा है। 
        संगठन के पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों की वाजिब मांगों को लेकर लगातार आन्दोलन कर रहा है। संगठन ने 7 अप्रैल को समस्त ब्लॉक मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन प्रस्तुत किये हैं तथा 01 व 15 मई को सभी जिला मुख्यालयों पर बड़ी संख्या में शिक्षकों द्वारा विरोध प्रदर्शन कर आक्रोश प्रकट किया गया है। इसके बाद 16 जून को प्रदेश के ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर शिक्षामंत्री को ज्ञापन दिये गये हैं, 25 जून को पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। 14 जुलाई को निदेशक मा.शि. से वार्ता कर ज्ञापन सौंपा, लेकिन अफसोस है कि शिक्षकों की वाजिब मांगों पर सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की है। इसलिए संगठन ने आन्दोलन को तेज करते हुए आज पूरे प्रदेश में संभाग मुख्यालय पर आक्रोश सभा आयोजित कर शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया है और विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री एवं सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया हैं।
         प्रदेश मंत्री संजय पुरोहित ने कहा कि यदि सरकार ने द्वेष भावना से किए तबादले निरस्त नहीं किए और शिक्षकों की वाजिब मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया तो संगठन आगामी चरण में  जयपुर और बीकानेर में बड़ा आन्दोलन और तीव्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी।
   विरोध प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष हुक्माराम झोरड़, खुमानाराम सारण, रेवंतराम गोदारा, भूपसिंह कूकणा, पवन छींपा, राधेश्याम यादव, पूनमचंद शर्मा, श्रीराम बिजारणियां, मनीष ठाकुर, काशी सारस्वत, जगनन्दन सिंह, दिलीप भादू, रामनिवास, मनोहरलाल सिहाग, जितेंद्र कूकना, राकेश गोदारा, रतीराम सारण, ताराप्रकाश मोयल, मांगीलाल धतरवाल, भंवर सांगवा, अनोपाराम विश्नोई, महेंद्र सिंह पंवार, नाजरा परवीन, देवेंद्र जाखड़, नितेश खेदड़, कमल जाखड़, रविन्द्र विश्नोई, कैलाश वैष्णव, विजय सिंह, श्याम देवड़ा, केसरा राम गोदारा, रामकिशन मान, विजय पाल मान, बीरबल रैगर, सुखराम तरड़ सहित सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए।