{"vars":{"id": "125777:4967"}}

चांदी की कीमतों में भारी गिरावट,निवेशक और जनता हैरान,शादियों के सीजन में बदला 'गिफ्टिंग' का ट्रेंड

 
THE BIKANER NEWS:- जयपुर:आम बजट (Union Budget) में भले ही सोने-चांदी को लेकर कोई सीधी बड़ी घोषणा नहीं की गई हो, लेकिन इसके तुरंत बाद कमोडिटी मार्केट में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जयपुर के सराफा बाजार और एमसीएक्स (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशक और आम जनता दोनों हैरान हैं।

बाजार का हाल: रिकॉर्ड स्तर से फिसले दाम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 फरवरी को एमसीएक्स पर चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से लुढ़कते हुए करीब 1.75 लाख रुपये तक नीचे फिसल गई। वहीं, सोने के दाम भी गिरकर लगभग 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम (रिपोर्ट में उल्लिखित आंकड़ों के अनुसार) के स्तर पर आ गए हैं।

​बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के मुख्य दो कारण हैं:

  1. डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मजबूत होने से पीली धातु पर दबाव बढ़ा है।
  2. मुनाफावसूली (Profit Booking): ऊंचे भाव पर निवेशकों द्वारा की गई बिकवाली के कारण भी कीमतों में यह नरमी देखी जा रही है।

शादियों पर असर: गहनों की जगह अब 'लिफाफों' ने ली

राजस्थान में शादियों और मांगलिक अवसरों पर सोना-चांदी गिफ्ट करने की पुरानी परंपरा रही है। लेकिन पिछले 5 वर्षों में आई तेजी ने इस परंपरा को बदलने पर मजबूर कर दिया है।

​कीमतों में आई हालिया गिरावट के बावजूद, पिछले कुछ सालों की महंगाई ने सोने-चांदी को आम आदमी और मध्यम वर्ग की पहुंच से दूर कर दिया है। हालात यह हैं कि अब शादियों में गहने गिफ्ट देना एक 'रिवाज' नहीं, बल्कि 'चुनौती' बन गया है।

बदल रही है परंपरा

महंगे होते सोने-चांदी का नतीजा यह है कि अब लोग गिफ्ट में ज्वेलरी देने के बजाय 'नकदी के लिफाफे' (Cash Envelopes) देने को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह परंपरा अब धीरे-धीरे इतिहास बनती जा रही है और नकदी का चलन तेजी से बढ़ा है।