मरु महोत्सव 2026 के आमंत्रण वितरण पर सवाल, मीडिया के साथ भेदभाव के आरोप
Jan 28, 2026, 17:06 IST
जैसलमेर | कैलाश बिस्सा।स्वर्णनगरी जैसलमेर में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध मरु महोत्सव 2026 से पहले ही व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस बार विवाद का विषय बना है मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रण पत्रों का वितरण।
जानकारी के अनुसार, मीडिया कर्मियों को जिला सूचना केंद्र से आमंत्रण पत्र लेने के लिए बुलाया गया था। लेकिन मौके पर पहुंचे कई पत्रकारों को यह कहकर लौटा दिया गया कि उनके नाम के आमंत्रण पत्र उपलब्ध नहीं हैं। इस स्थिति ने पत्रकारों में नाराज़गी पैदा कर दी है।
मीडिया से जुड़े लोगों का कहना है कि जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के माध्यम से सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची पहले से उपलब्ध रहती है। ऐसे में आमंत्रण पत्रों का वितरण भी उसी सूची के आधार पर पारदर्शी तरीके से होना चाहिए था। लेकिन आरोप है कि इस बार वितरण प्रक्रिया में मनमर्जी अपनाई गई और कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी गई।
पत्रकारों ने सवाल उठाया है कि
क्या आमंत्रण पत्रों के वितरण में भी “बंदरबांट” हो रही है?
क्या सभी मीडिया प्रतिनिधियों को समान महत्व नहीं दिया जाना चाहिए?
क्या विभागीय स्तर पर पारदर्शिता की कमी है?
मीडिया जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि मरु महोत्सव जैसा अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला आयोजन प्रशासन और मीडिया के सहयोग से ही सफल होता है। ऐसे में पत्रकारों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया आयोजन की छवि पर भी असर डाल सकता है।
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग या जनसंपर्क अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पत्रकारों ने मांग की है कि आमंत्रण वितरण की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए और सभी पात्र मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रण उपलब्ध कराए जाएं।
मरु महोत्सव पर्यटन और संस्कृति का बड़ा मंच है — ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस मुद्दे का संज्ञान लेकर स्थिति स्पष्ट करेगा, ताकि आयोजन से पहले अनावश्यक विवाद न बढ़े।
जानकारी के अनुसार, मीडिया कर्मियों को जिला सूचना केंद्र से आमंत्रण पत्र लेने के लिए बुलाया गया था। लेकिन मौके पर पहुंचे कई पत्रकारों को यह कहकर लौटा दिया गया कि उनके नाम के आमंत्रण पत्र उपलब्ध नहीं हैं। इस स्थिति ने पत्रकारों में नाराज़गी पैदा कर दी है।
मीडिया से जुड़े लोगों का कहना है कि जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के माध्यम से सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची पहले से उपलब्ध रहती है। ऐसे में आमंत्रण पत्रों का वितरण भी उसी सूची के आधार पर पारदर्शी तरीके से होना चाहिए था। लेकिन आरोप है कि इस बार वितरण प्रक्रिया में मनमर्जी अपनाई गई और कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी गई।
पत्रकारों ने सवाल उठाया है कि
क्या आमंत्रण पत्रों के वितरण में भी “बंदरबांट” हो रही है?
क्या सभी मीडिया प्रतिनिधियों को समान महत्व नहीं दिया जाना चाहिए?
क्या विभागीय स्तर पर पारदर्शिता की कमी है?
मीडिया जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि मरु महोत्सव जैसा अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला आयोजन प्रशासन और मीडिया के सहयोग से ही सफल होता है। ऐसे में पत्रकारों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया आयोजन की छवि पर भी असर डाल सकता है।
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग या जनसंपर्क अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पत्रकारों ने मांग की है कि आमंत्रण वितरण की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए और सभी पात्र मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रण उपलब्ध कराए जाएं।
मरु महोत्सव पर्यटन और संस्कृति का बड़ा मंच है — ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस मुद्दे का संज्ञान लेकर स्थिति स्पष्ट करेगा, ताकि आयोजन से पहले अनावश्यक विवाद न बढ़े।