{"vars":{"id": "125777:4967"}}

गर्मियों में पानी को तरसेंगें राजस्थान के ये 10 जिले! 264 बांध पूरी तरह सूखे, जानें सरकार का प्लान

 

Rajasthan : गर्मियों का मौसम अभी अभी शरू ही हुआ है। उस से पहले राजस्थान के 10 जिलों के लिए पहले ही समस्या उतपन हो गई है। बता दे की राजस्थान में गर्मी शुरू होने के साथ ही पानी की मांग बढ़ गई है।

मार्च की शुरुआत में राज्य के बांधों में केवल 49.14 प्रतिशत पानी बचा था। राज्य में 264 बांध सूख चुके हैं। दस जिलों में पानी की आपूर्ति के स्रोत को भी दो महीने में मरम्मत के लिए इंदिरा गांधी नहर से जोड़ा जा रहा है, इसलिए उत्तर पश्चिम राजस्थान के दस जिलों में पानी के लिए हाहाकार मच सकता है। Rajasthan

263 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत

राज्य सरकार ने पेयजल आपूर्ति के लिए एक आपातकालीन योजना तैयार की है। इसके लिए 263 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। राज्य के सभी कलेक्टरों को पेयजल आपूर्ति में एक करोड़ रुपये खर्च करने का अधिकार दिया गया है।

Rajasthan राज्य में 8104.656 एमसीएम की कुल क्षमता वाले 22 बड़े बांध हैं, जिनमें से 4977.386 वर्तमान में हैं। यानी 61.41 प्रतिशत बांध भरे हुए हैं। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में सबसे अधिक पानी की उपलब्धता कोटा मंडल के बांधों में है।

मार्च में कोटा मंडल में पानी की उपलब्धता 59.40 प्रतिशत है, जबकि जोधपुर मंडल के बांधों में केवल 22.50 प्रतिशत पानी बचा है। गांधीसागर बांध में पर्याप्त पानी है। रिपोर्ट के अनुसार, बांध की भरने की क्षमता 1312 फीट है, वर्तमान में जल स्तर 1301.13 फीट है।

बांध 73.39 प्रतिशत भरा हुआ है। गर्मियों में जब चंबल के बांधों में पानी की उपलब्धता कम होती है, तो गांधीसागर बांध से पानी छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाती है। Rajasthan

सरकार ने की ये तैयारी

-प्रदेश में 300 हेक्टेयर तक फैले हुए 3,236 छोटे बांधों का जल संसाधन विभाग की ओर से समुचित जल प्रबंधन के काम होंगे।
-कोटा बैराज, जवाहर सागर और राणा प्रताप सागर बांध की मरम्मत के लिए 148 करोड़ के काम होंगे।
-चंबल की नहरों में जल प्रवाह बंद कर 500 करोड़ से मरम्मत होगी। Rajasthan