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भक्तों के मन में उमड़ा आस्था का सैलाब: *जेठदासजी के धौरा धाम में बाबा रामदेवजी मंदिर पुनर्निर्माण को लेकर भक्तों में भारी उत्साह

 
THE BIKANER NEWS:-नोखा/खींवसर। क्षेत्र के प्रसिद्ध और पावन धाम जेठदासजी का धौरा में लोक देवता बाबा रामदेवजी के भव्य मंदिर पुनर्निर्माण को लेकर भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। आगामी 1 मार्च 2026, रविवार को होने वाले इस पुनीत कार्य के लिए समूचे क्षेत्र में भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि लोग स्वेच्छा से अपने-अपने संसाधनों के साथ सेवा में जुटने की तैयारी कर चुके हैं।

​भक्ति और श्रमदान का महासंगम
​पश्चिमी नोखा और दक्षिणी खींवसर क्षेत्र के बासी, चिताणा, काहिरा, कक्कू, स्वरूपसर, सांधुना, तान्तवास, माडपुरा, भुण्डेल, खड़काली और निम्बोला सहित लगभग 40 से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने एक स्वर में इस धर्मार्थ कार्य में हिस्सा लेने का संकल्प लिया है। ग्रामीणों की यह एकजुटता क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
​तैयारियां जोरों पर: क्रेशर खानों से पहुंचेगी सामग्री
​मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि:
​स्वेच्छा से सहयोग: जिन भक्तों के पास स्वयं के पत्थर, भाटा या ग्रिट की व्यवस्था है, वे अपने वाहनों में सामग्री भरकर सीधे धाम पहुंचेंगे।
​सामूहिक व्यवस्था: जिन श्रद्धालुओं के पास सामग्री उपलब्ध नहीं है, उनके लिए माँडेलिया-तान्तवास के क्रेशर खानों से सामग्री की विशेष व्यवस्था की गई है।
​पंजीकरण: ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों के पंजीकरण के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि व्यवस्था सुचारू रहे।
​महंत श्री रेंवतदासजी महाराज का आह्वान
​गादीपति महंत श्री रेंवतदासजी महाराज ने सभी भक्तों से इस "पुण्य कार्य" का सहभागी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि समाज की श्रद्धा और एकता का प्रतीक है।

*​धोरा धाम* :-  भक्तों के मन में उमड़ा आस्था का सैलाब: *जेठदासजी के धौरा धाम में बाबा रामदेवजी मंदिर पुनर्निर्माण को लेकर भक्तों में भारी उत्साह*

खबर -अणदाराम मेघवाल 


​नोखा/खींवसर। क्षेत्र के प्रसिद्ध और पावन धाम जेठदासजी का धौरा में लोक देवता बाबा रामदेवजी के भव्य मंदिर पुनर्निर्माण को लेकर भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। आगामी 1 मार्च 2026, रविवार को होने वाले इस पुनीत कार्य के लिए समूचे क्षेत्र में भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि लोग स्वेच्छा से अपने-अपने संसाधनों के साथ सेवा में जुटने की तैयारी कर चुके हैं।
​भक्ति और श्रमदान का महासंगम
​पश्चिमी नोखा और दक्षिणी खींवसर क्षेत्र के बासी, चिताणा, काहिरा, कक्कू, स्वरूपसर, सांधुना, तान्तवास, माडपुरा, भुण्डेल, खड़काली और निम्बोला सहित लगभग 40 से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने एक स्वर में इस धर्मार्थ कार्य में हिस्सा लेने का संकल्प लिया है। ग्रामीणों की यह एकजुटता क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
​तैयारियां जोरों पर: क्रेशर खानों से पहुंचेगी सामग्री
​मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि:
​स्वेच्छा से सहयोग: जिन भक्तों के पास स्वयं के पत्थर, भाटा या ग्रिट की व्यवस्था है, वे अपने वाहनों में सामग्री भरकर सीधे धाम पहुंचेंगे।
​सामूहिक व्यवस्था: जिन श्रद्धालुओं के पास सामग्री उपलब्ध नहीं है, उनके लिए माँडेलिया-तान्तवास के क्रेशर खानों से सामग्री की विशेष व्यवस्था की गई है।
​पंजीकरण: ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों के पंजीकरण के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि व्यवस्था सुचारू रहे।
​महंत श्री रेंवतदासजी महाराज का आह्वान
​गादीपति महंत श्री रेंवतदासजी महाराज ने सभी भक्तों से इस "पुण्य कार्य" का सहभागी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि समाज की श्रद्धा और एकता का प्रतीक है।