इंदिरा गांधी नहर की 45 दिन की बंदी समाप्त,अब इस दिन तक बीकानेर पहुंचेगा पानी
पानी छोड़ने का घटनाक्रम और बीकानेर तक का सफर:
- देरी से छूटा पानी: फिनिशिंग कार्य अधूरा होने के कारण पंजाब के हरिके बैराज से रात 12 बजे के बजाय सोमवार दोपहर 12 बजे (12 घंटे की देरी से) 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रात तक इसकी मात्रा बढ़ाकर 500 क्यूसेक कर दी गई।
- राजस्थान में प्रवेश: यह पानी 50 से 60 घंटे में 204 किलोमीटर का सफर तय कर राजस्थान की सीमा (मसीतावाली हेड) पहुंचेगा।
- बीकानेर पहुंचने में 6 दिन: मसीतावाली हेड से बीकानेर जिला सीमा (सतासर) की दूरी 150-170 किलोमीटर है। नहर में एक महीने से जमा कचरे के कारण पानी को बीकानेर पहुंचने में करीब 6 दिन का समय लगेगा।
बीकानेर के जलाशयों की वर्तमान स्थिति:
पिछले 30 दिनों से बीकानेर शहर और आस-पास के गांव पूर्ण रूप से भंडारित पानी (रिजर्व स्टॉक) पर निर्भर हैं:
- बीछवाल जलाशय: सोमवार सुबह तक यहां 310 MLD पानी का स्टॉक था। 40 MLD की दैनिक खपत के अनुसार यह केवल 7 दिन के लिए पर्याप्त है।
- शोभासर जलाशय: गजनेर लिफ्ट से जुड़े इस जलाशय में 370 MLD पानी है, जो 40 MLD की दैनिक खपत के हिसाब से 9 दिन तक चलेगा।
- चेतावनी: यदि 17-18 मई तक पानी नहीं पहुंचता है, तो बीछवाल इलाके में पानी की कटौती बढ़ानी पड़ सकती है।
मरम्मत कार्य: 3 की जगह लगे 6 साल
पंजाब सीमा में 116 किलोमीटर क्षेत्र में नहर की मरम्मत का काम 3 साल में पूरा होना था, लेकिन इसमें 6 साल का वक्त लग गया। हालांकि, इस मरम्मत का एक बड़ा फायदा यह होगा कि अब राजस्थान को 18,000 क्यूसेक पानी मिल सकेगा। इससे पहले पंजाब सरकार नहर को जर्जर बताकर 11,000 क्यूसेक से ज्यादा पानी नहीं दे रही थी।
अधिकारियों का क्या कहना है?
IGNP के चीफ इंजीनियर विवेक गोयल ने बताया, "यह सही है कि हरिके से पानी रात 12 बजे छोड़ा जाना था, लेकिन अच्छी बात यह है कि सोमवार दोपहर को पानी छोड़कर नहरबंदी खत्म कर दी गई है। पानी को बीकानेर तक पहुंचने में 6 दिन का समय लग सकता है। उम्मीद है कि बीकानेर में पीने के पानी की कोई किल्लत नहीं होगी।"