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Rajasthan: बीकानेर में बिजली खपत अचानक पीक पर, गांवों में शहर से 5 गुना फीसदी तक बढ़ोतरी

जानकर हैरानी होगी कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की मांग शहर से कई गुना ज्यादा बढ़ गई है।अगस्त महीने में बिजली की खपत पिछले साल के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है।  बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह बढ़ोतरी इसके पीछे का मुख्य कारण तेज उमस, लगातार गर्मी और कृषि कार्यों के लिए पानी की बढ़ती जरूरत की वजह से हुई है।
 

Rajasthan News: बीकानेर जिले में बिजली खपत ने अचानक बड़ा बदलाव देखा गया है।  पिछले दिनों कि गर्मी और हुमस भरे दिनों से परेशान लोगों ने निजात पाने के लिए AC कूलर सभी चालू कर दिया है।  जिसके बाद रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज कि गई है । 

पिछले साल के मुकाबले दोगुनी खपत 

आपको भी जानकर हैरानी होगी कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की मांग शहर से कई गुना ज्यादा बढ़ गई है।अगस्त महीने में बिजली की खपत पिछले साल के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है।  बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह बढ़ोतरी इसके पीछे का मुख्य कारण तेज उमस, लगातार गर्मी और कृषि कार्यों के लिए पानी की बढ़ती जरूरत की वजह से हुई है।

बिजली विभाग भी हो रहा है ओवरलोडिंग का शिकार

जानकारी के लिए बता दे कि बीकानेर में बिजली की खपत जिस तेजी से बढ़ रही है, वहीँ आमजन तो कूलर AC चलकर उस गर्मी से निजात प् लेता है लेकिन सुब स्टेशन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अचानक लोड बढ़ने से लाइन फाल्ट ,ओवरलोडिंग और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या और अधिक पैदा हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग भी अपनी जिम्मेदारी समझें और बिजली का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। वहीं, प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए दीर्घकालिक समाधान तैयार करने होंगे।

शहरी क्षेत्र और शहरी क्षेत्र में खपत 

शहरी क्षेत्र- 17 अगस्त 2024 को बिजली खपत 26.36 लाख यूनिट थी। 17 अगस्त 2025 को यह बढ़कर 42.10 लाख यूनिट हो गई। यानी खपत में लगभग 60% की वृद्धि।

ग्रामीण क्षेत्र- 17 अगस्त 2024 को खपत 72.66 लाख यूनिट थी। 17 अगस्त 2025 को यह बढ़कर 241.25 लाख यूनिट हो गई। यानी खपत में 133.99% की रिकॉर्ड वृद्धि।

-केके कस्वां, संभागीय मुख्य अभियंता (बीकानेर संभाग) के अनुसार 

"बीकानेर जिले में इस बार बिजली की खपत पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक बढ़ी है। शहरी क्षेत्र में जहां 60% बढ़ोतरी दर्ज हुई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 134% तक पहुंच गया है। इसकी मुख्य वजह उमस, गर्मी और किसानों द्वारा सिंचाई कार्यों में बिजली का अधिक उपयोग है। विभाग पूरी कोशिश कर रहा है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिले। लोड मैनेजमेंट के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।"