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93 साल की उम्र में बीकानेर की दादी का डंका, स्वीडन और इंडोनेशिया में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

राजस्थान प्रदेश के बीकानेर जिले की रहने वाली 93 वर्षीय दादी पानी देवी ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। पानी देवी के हौसले और जज्बे के किस्से देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी आजकल खूब चल रहे हैं।

बीकानेर जिले की रहने वाली 93 वर्षीय पानी देवी ने इससे पहले भी नेशनल और स्टेट प्रतियोगिताओं में 6 गोल्ड मेडल जीत रखे हैं। उन्होंने पिछले वर्ष पुणे में आयोजित हुई 44वीं नेशनल मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024 में तीन गोल्ड मेडल जीतकर बीकानेर का नाम रोशन किया था।

आजकल के 25 वर्षीय युवा जिस काम को नहीं कर सकते उसे काम को बीकानेर जिले की रहने वाली पानी देवी ने 93 वर्ष की उम्र में करके दिखाया है।

बीकानेर जिले के नोखा गांव निवासी 93 वर्षीय पानी देवी ने मास्टर एथलेटिक्स नेशनल चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीतकर पूरे देश के लिए मिसाल का काम किया है। आज पूरे देश के करोड़ों लोगों ने दादी के जज्बे और हौसले को देखकर दांतों तले उंगली दबा ली है।

बैंगलुरू में 4 से 9 मार्च तक आयोजित हुई थी 45वीं मास्टर एथलेटिक्स नेशनल चैंपियनशिप

कर्नाटक राज्य के बेंगलुरु शहर में 4 मार्च से 9 मार्च तक 45वीं मास्टर एथलेटिक्स नेशनल चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इस चैंपियनशिप में राजस्थान प्रदेश के बीकानेर जिले के नोखा गांव की रहने वाली 93 वर्षीय पानी देवी ने भी भाग लिया था।

पानी देवी ने इस नेशनल चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीतकर संपूर्ण देश में बीकानेर का नाम रोशन कर दिया। पानी देवी की सफलता पर आज शनिवार को बीकानेर में उनके सम्मान में एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।

पहले भी स्टेट और नेशनल चैंपियनशिप में पानी देवी जीत चुकी है 6 गोल्ड मेडल

44वीं नेशनल चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीतने के बाद पिछले वर्ष पानी देवी स्वीडन का वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलने हेतु चयन हुआ था। इस बार 45वीं नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पानी देवी द्वारा तीन गोल्ड मेडल जीतने के बाद इंडोनेशिया में आयोजित होने वाली एशियाई मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चयन हुआ है।

पानी देवी का सपना है विदेश जाना

पानी देवी ने कहा, “मुझे विदेश जाने की बहुत खुशी है. मुझे यह खेल खेलते हुए तीन साल हो गए हैं. इन तीन साल में मैंने बहुत कुछ सीखा है. उसी दम पर मैंने यह सब हासिल किया है.

मुझे उम्मीद है कि विदेश से भी मैं मेडल जीतकर लाऊंगी. मुझे खेलकूद में बहुत खुशी मिलती है और मैं हमेशा इसे जारी रखना चाहती हूं. मुझे खेलना-कूदना बहुत अच्छा लगता है. मेरी बहुत इच्छा है कि मैं विदेश जाऊं, वहां खेलूं-कूदूं और मेडल जीतकर लाऊं. इसके लिए मैं यहां तैयारी भी करती हूं.”

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