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Smart City : राजस्थान के इन 3 शहरों को बड़ा झटका, ‘स्मार्ट सिटी’ बनने का सपना रहा अधूरा! जानें कहाँ फसे पेच

 
Smart City : राजस्थान के इन 3 शहरों को बड़ा झटका, ‘स्मार्ट सिटी’ बनने का सपना रहा अधूरा! जानें कहाँ फसे पेच

Rajasthan Smart City Mission : राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी खबर आ रही है। बता दे की राज्य सरकारों के पास अब स्मार्ट सिटी मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केवल 11 दिन हैं। इन्हें पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च है।

नए वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा किसी भी लंबित योजना के लिए कोई राशि नहीं दी जाएगी। इसके बाद शेष कार्य राज्य सरकारों को अपने वित्तीय संसाधनों से पूरा करना होगा। अगर ऐसा नहीं हो पाता तो तीन शहरों को सपना एक बार फिर अधूरा रह जायगा।

13 परियोजनाएं अभी भी अधूरी

राजस्थान में जयपुर, कोटा और अजमेर में 13 परियोजनाएं अभी भी अधूरी हैं। उदयपुर में सभी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। स्मार्ट सिटी मिशन 25 जून, 2015 को शुरू किया गया था।

देश के 100 स्मार्ट शहरों में राजस्थान के चार शहरों जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर को शामिल किया गया है। सूत्रों के अनुसार, निगरानी की कमी और अधिकारियों के ध्यान की कमी के कारण परियोजनाएं अधूरी हैं।

मिलती है स्मार्ट सिटी में ये सुविधाएँ

प्रमुख कार्य मिशन में निर्माण कार्यों के अलावा एकीकृत कमान, नियंत्रण केंद्र, सीसीटीवी निगरानी कैमरे, आपातकालीन कॉल बॉक्स, सार्वजनिक पता प्रणाली, स्मार्ट सड़कें, साइकिल ट्रैक, कक्षाएं, डिजिटल पुस्तकालय, ई-स्वास्थ्य केंद्र और क्लीनिक शामिल हैं।

देश के 100 स्मार्ट शहरों में 164545 करोड़ रुपये की लागत से 8063 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें से 150306 करोड़ रुपये की 7504 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 14239 करोड़ रुपये की 559 परियोजनाएं प्रगति पर हैं।

स्मार्ट सिटी मिशन की रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत आने वाले शहर अब तक 47,538 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता का दावा करने में सक्षम हैं, जिसमें से 45,772 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है। सभी स्मार्ट शहरों के लिए केंद्र सरकार का हिस्सा 48000 करोड़ रुपये है।