बिजली कंपनी और उपभोक्ताओं के बीच टकराव के बाद थाने में हुआ समझौता, अब नोटिस देकर ही बदले जाएंगे मीटर
क्या था पूरा मामला?
बीकेईएसएल (निजी बिजली कंपनी) के एईएन नितेश कुमार और उनकी टीम नत्थानियों की सराय क्षेत्र में जर्जर तारों को बदलने और मीटर शिफ्टिंग के लिए पहुंची थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना और अनुमति के घरों में घुस गए, जिससे महिलाएं घबरा गईं और लोगों में नाराजगी फैल गई। इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने हंगामा कर दिया और टीम के साथ धक्का-मुक्की की। महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस थाने में 4 बिंदुओं पर हुआ समझौता
विवाद बढ़ने पर मामला नयाशहर थाने पहुंचा। वहां सीओ अनुज दाल की मध्यस्थता में कंपनी के अधिकारियों और स्थानीय लोगों (जिनमें भाजपा नेता वेद व्यास और कांग्रेस नेता अरुण व्यास शामिल थे) के बीच वार्ता हुई। इस दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:
- पूर्व सूचना अनिवार्य: किसी भी मकान का मीटर बदलने या उतारने से पहले उपभोक्ता को नोटिस (पूर्व सूचना) दी जाएगी।
- महिला पुलिस की मौजूदगी: महिलाओं के घरों में कार्यवाही के दौरान महिला पुलिसकर्मी या होमगार्ड का साथ होना अनिवार्य होगा।
- कोई केस दर्ज नहीं: दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ कोई मुकदमा (FIR) दर्ज नहीं करवाया जाएगा।
- मीटर वापस लगेंगे: जिन पांच घरों के मीटर उतारे गए थे, उन्हें वापस लगाने पर सहमति बनी।
समझौते के बाद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई।
कंपनी का पक्ष: 'सिस्टम सुधारना जरूरी, 70% चोरी हो रही है'
बीकेईएसएल के सीओओ हरीश चंद्र सिंह ने बताया कि नत्थानियों की सराय क्षेत्र का विद्युत तंत्र पूरी तरह जर्जर हो चुका है। यहां के दो ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड हैं और करीब 70% बिजली चोरी हो रही है। खुले तारों से हादसे का डर बना रहता है।
उन्होंने कहा, "कंपनी ने स्थानीय लोगों की सहमति से ही दो दिन बाद काम शुरू किया था, लेकिन जब टीम मीटर बाहर करने लगी तो कुछ लोगों ने काम रुकवा दिया और मारपीट की। हम चाहते हैं कि अगली गर्मियों में लोगों को निर्बाध बिजली मिले, इसके लिए तंत्र सुधारना और केबलिंग करना जरूरी है। अब कंपनी पुलिस सुरक्षा के बीच ही अधूरा काम पूरा करेगी।"

