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धरना प्रदर्शन में गूंजा बहुजन समाज का आक्रोश, चेतावनी—मांगें नहीं मानी तो आंदोलन होगा ओर तेज

 
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जैसलमेर कैलाश बिस्साजैसलमेर । भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम एवं चौधरी विकास पटेल के नेतृत्व में देशभर में चलाए जा रहे चार चरणों के आंदोलन के दूसरे चरण के तहत शुक्रवार को जैसलमेर जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बहुजन समाज, ओबीसी, युवाओं, विद्यार्थियों और किसानों के अधिकारों से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन का पहला चरण 6 मार्च को ज्ञापन देकर सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, जबकि दूसरा चरण 13 मार्च को पूरे देश के 725 जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन के रूप में आयोजित किया जा रहा है। तीसरे चरण में 23 मार्च को जिला मुख्यालयों पर विशाल रैलियां आयोजित की जाएंगी तथा चौथे और अंतिम चरण में 23 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया गया है। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी जाति आधारित जनगणना में ओबीसी का कॉलम शामिल नहीं करना देश के करोड़ों ओबीसी समाज के साथ खुला धोखा है। सरकार यदि वास्तव में सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है तो उसे तुरंत ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने लाना चाहिए। इसके साथ ही 2011 से पहले नियुक्त समस्त अध्यापकों पर टीईटी परीक्षा अनिवार्य करने के फैसले को भी अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को इस प्रकार की बाध्यता में डालना उनके अधिकारों का हनन है। सभा में यह भी कहा गया कि यूजीसी की 20 जनवरी की सिफारिशों को लागू करना युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। शिक्षा का अधिकार सभी को समान अवसर के साथ मिलना चाहिए, ताकि देश का युवा बिना किसी भय और भेदभाव के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके। वक्ताओं ने चुनाव प्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ईवीएम मशीनों के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने चाहिए, ताकि प्रत्येक नागरिक के वोट के मौलिक अधिकार की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ये सभी मांगें संविधान और सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप हैं। यदि समय रहते सरकार ने इन पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस अवसर पर भारत मुक्ति मोर्चा राजस्थान के प्रदेश प्रभारी शिवदानाराम राठौड़ पारेवर, भारत मुक्ति मोर्चा जैसलमेर के जिलाध्यक्ष बजरंगाराम परिहार, बहुजन क्रांति मोर्चा जैसलमेर के संयोजक मालाराम हड्डा , भारतीय विद्यार्थी मोर्चा जैसलमेर के जिला संयोजक केशराराम बारुपाल सेउवा, ईएलपीए संयोजक अधिवक्ता रमणलाल बालोच वकील, भारतीय किसान मोर्चा जैसलमेर के जिला संयोजक हनुमानराम हटार, भारत मुक्ति मोर्चा राजस्थान के प्रदेश सदस्य कोजराज कोहली, भारतीय बेरोजगार मोर्चा के जिला संयोजक गिरधारीराम कोहली सहित अनोपाराम गेंवा, पप्पूराम भाटी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित रहे।