बीकानेर पुलिस की अनूठी पहल: 'साइबर वॉरियर ट्रेनिंग सेंटर' के पोस्टर का हुआ विमोचन
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
पोस्टर विमोचन के अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री कावेंद्र सिंह सागर, अति. पुलिस अधीक्षक (शहर) श्रीमती किरण गोदारा और अति. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री बनवारी लाल मीणा मौजूद रहे। यह अभियान अति. पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री चक्रवर्ती सिंह राठौड़ (RPS) के सुपरविजन और साइबर थाना बीकानेर के पुलिस निरीक्षक श्री रमेश सर्बटा के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
अभियान का मूल मंत्र: 'रोकथाम ही सर्वोत्तम उपचार'
इस ट्रेनिंग सेंटर का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा की जानकारी को केवल थानों तक सीमित न रखकर जन-जन तक पहुँचाना है।
अभियान के मुख्य लक्ष्य:
- साइबर वॉरियर्स का निर्माण: शिक्षक, एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर 'साइबर वॉरियर' बनाया जाएगा।
- प्रशिक्षण की श्रृंखला: एक प्रशिक्षित व्यक्ति समाज के कई अन्य लोगों को जागरूक करेगा।
- संस्थानों की सुरक्षा: शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग और ऑनलाइन खतरों से बचा सकें।
- त्वरित प्रतिक्रिया (1930): अपराध होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 और साइबर पोर्टल का उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
आमजन को मिलेंगे ये बड़े लाभ
- वित्तीय सुरक्षा: लोग 'गोल्डन ऑवर्स' में अपना पैसा होल्ड कराने की प्रक्रिया जान सकेंगे।
- भयमुक्त इंटरनेट: बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बिना डर के ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे।
- सामुदायिक पुलिसिंग: हर गाँव और मोहल्ले में एक विशेषज्ञ (साइबर वॉरियर) उपलब्ध होगा।
- सटीक रिपोर्टिंग: साक्ष्य जुटाने और पुलिस को सही जानकारी देने में आसानी होगी।
कैसे काम करेगा ट्रेनिंग सेंटर?
प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरी तरह व्यावहारिक और आधुनिक बनाया गया है। इसमें पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन, ऑडियो-वीडियो और एनिमेशन का उपयोग होगा। साइबर वॉरियर्स को सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स (जैसे टू-स्टेप वेरिफिकेशन) का लाइव प्रदर्शन दिखाया जाएगा। साथ ही, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक इसकी पहुंच मजबूत हो सके

