बीकानेर :-नवजात बेटी के घर आगमन पर अनूठा जश्न: किराडू परिवार ने पेश की प्रेरणादायक मिसाल,पूरे मोहल्ले को दुल्हन की तरफ सजाकर किया स्वागत
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। आज भी समाज के कुछ हिस्सों में बेटे और बेटी के बीच भेदभाव देखने को मिलता है, लेकिन बीकानेर के शिवराज जी किराडू परिवार ने अपनी नवजात बेटी के आगमन पर ऐसा भव्य और भावनात्मक स्वागत किया, जिसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। परिवार की इस पहल ने समाज को यह संदेश दिया कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं।
मौका था साले की होली चौक, शिवराज जी किराडू गली निवासी कमल किराडू की पौत्री और गोरधन व्यास की दोहिती के नामाकरण संस्कार का, जब नवजात बेटी ननिहाल से अपने घर आई तो उसके स्वागत को परिवार ने एक यादगार उत्सव का रूप दिया। पूरे मोहल्ले को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक गुब्बारों से दुल्हन की तरह सजाया गया। बेटी के घर में प्रवेश के मार्ग पर जगह-जगह गुलाब की पंखुड़ियां बिछाई गईं, जिससे उसका स्वागत पूरे सम्मान और प्रेम के साथ किया गया।
इस शुभ अवसर को आध्यात्मिक स्वरूप देने के लिए वेदपाठी ब्राह्मणों को आमंत्रित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। वहीं, राजस्थानी परंपरा के अनुसार परिवार के सदस्यों ने थाली बजाकर अपनी खुशी का इज़हार किया।
सबसे विशेष क्षण तब आया जब लक्ष्मी स्वरूप बेटी के गृह प्रवेश पर चांदी की थाली में सफेद वस्त्र बिछाकर, कुमकुम से उसके नन्हे-नन्हे पैरों की छाप ली गई और उसे घर के मंदिर में श्रद्धापूर्वक स्थापित किया गया। परिवार का मानना है कि बेटी स्वयं लक्ष्मी का स्वरूप होती है और उसका आगमन घर में सुख, समृद्धि और शुभता लेकर आता है।
इस आयोजन में केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने नवजात बेटी का स्वागत किया और परिवार की इस सोच की सराहना की।
शिवराज जी किराडू परिवार की यह पहल केवल एक पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि बेटे और बेटी में कोई भेद नहीं होना चाहिए। यदि हर परिवार बेटियों के जन्म को इसी तरह सम्मान और उत्सव के साथ स्वीकार करे, तो महिला सशक्तिकरण और समानता का सपना निश्चित रूप से और मजबूत होगा।
बीकानेर का यह प्रेरणादायक आयोजन समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और समानता की भावना को बढ़ावा देने वाली एक अनुकरणीय मिसाल बनकर सामने आया है।

