राजकीय कन्या महाविद्यालय, बज्जू में छात्राओं की सराहनीय पहल — पक्षियों के लिए लगाए पालसिए व दाना पात्र
Apr 18, 2026, 00:07 IST
THE BIKANER NEWS:-बज्जू। पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राजकीय कन्या महाविद्यालय, बज्जू की छात्राओं ने परिसर में पक्षियों के लिए पालसिए (जल पात्र) एवं दाना पात्र स्थापित किए। बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए यह पहल विशेष रूप से सराहनीय मानी जा रही है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने बताया कि गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी जीवन रक्षा पर संकट उत्पन्न हो जाता है। इसी उद्देश्य से छात्राओं ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर जल से भरे पात्र तथा दाना रखने की व्यवस्था की, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अन्य लोगों से भी अपील की कि वे अपने घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करें, ताकि इस भीषण गर्मी में अधिक से अधिक पक्षियों की रक्षा की जा सके। प्राचार्य रेणु वर्मा द्वारा सभी विद्यार्थियों को अंत में धन्यवाद दिया गया
यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी हम प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।बज्जू। पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राजकीय कन्या महाविद्यालय, बज्जू की छात्राओं ने परिसर में पक्षियों के लिए पालसिए (जल पात्र) एवं दाना पात्र स्थापित किए। बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए यह पहल विशेष रूप से सराहनीय मानी जा रही है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने बताया कि गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी जीवन रक्षा पर संकट उत्पन्न हो जाता है। इसी उद्देश्य से छात्राओं ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर जल से भरे पात्र तथा दाना रखने की व्यवस्था की, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अन्य लोगों से भी अपील की कि वे अपने घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करें, ताकि इस भीषण गर्मी में अधिक से अधिक पक्षियों की रक्षा की जा सके। प्राचार्य रेणु वर्मा द्वारा सभी विद्यार्थियों को अंत में धन्यवाद दिया गया
यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी हम प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।बज्जू। पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राजकीय कन्या महाविद्यालय, बज्जू की छात्राओं ने परिसर में पक्षियों के लिए पालसिए (जल पात्र) एवं दाना पात्र स्थापित किए। बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए यह पहल विशेष रूप से सराहनीय मानी जा रही है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने बताया कि गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी जीवन रक्षा पर संकट उत्पन्न हो जाता है। इसी उद्देश्य से छात्राओं ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर जल से भरे पात्र तथा दाना रखने की व्यवस्था की, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अन्य लोगों से भी अपील की कि वे अपने घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करें, ताकि इस भीषण गर्मी में अधिक से अधिक पक्षियों की रक्षा की जा सके। प्राचार्य रेणु वर्मा द्वारा सभी विद्यार्थियों को अंत में धन्यवाद दिया गया
यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी हम प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।बज्जू। पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राजकीय कन्या महाविद्यालय, बज्जू की छात्राओं ने परिसर में पक्षियों के लिए पालसिए (जल पात्र) एवं दाना पात्र स्थापित किए। बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए यह पहल विशेष रूप से सराहनीय मानी जा रही है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने बताया कि गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी जीवन रक्षा पर संकट उत्पन्न हो जाता है। इसी उद्देश्य से छात्राओं ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर जल से भरे पात्र तथा दाना रखने की व्यवस्था की, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अन्य लोगों से भी अपील की कि वे अपने घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करें, ताकि इस भीषण गर्मी में अधिक से अधिक पक्षियों की रक्षा की जा सके। प्राचार्य रेणु वर्मा द्वारा सभी विद्यार्थियों को अंत में धन्यवाद दिया गया
यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी हम प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने बताया कि गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी जीवन रक्षा पर संकट उत्पन्न हो जाता है। इसी उद्देश्य से छात्राओं ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर जल से भरे पात्र तथा दाना रखने की व्यवस्था की, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अन्य लोगों से भी अपील की कि वे अपने घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करें, ताकि इस भीषण गर्मी में अधिक से अधिक पक्षियों की रक्षा की जा सके। प्राचार्य रेणु वर्मा द्वारा सभी विद्यार्थियों को अंत में धन्यवाद दिया गया
यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी हम प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।बज्जू। पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राजकीय कन्या महाविद्यालय, बज्जू की छात्राओं ने परिसर में पक्षियों के लिए पालसिए (जल पात्र) एवं दाना पात्र स्थापित किए। बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए यह पहल विशेष रूप से सराहनीय मानी जा रही है।
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महाविद्यालय प्रशासन ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
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इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने बताया कि गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी जीवन रक्षा पर संकट उत्पन्न हो जाता है। इसी उद्देश्य से छात्राओं ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर जल से भरे पात्र तथा दाना रखने की व्यवस्था की, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अन्य लोगों से भी अपील की कि वे अपने घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करें, ताकि इस भीषण गर्मी में अधिक से अधिक पक्षियों की रक्षा की जा सके। प्राचार्य रेणु वर्मा द्वारा सभी विद्यार्थियों को अंत में धन्यवाद दिया गया
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इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने बताया कि गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी जीवन रक्षा पर संकट उत्पन्न हो जाता है। इसी उद्देश्य से छात्राओं ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर जल से भरे पात्र तथा दाना रखने की व्यवस्था की, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अन्य लोगों से भी अपील की कि वे अपने घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करें, ताकि इस भीषण गर्मी में अधिक से अधिक पक्षियों की रक्षा की जा सके। प्राचार्य रेणु वर्मा द्वारा सभी विद्यार्थियों को अंत में धन्यवाद दिया गया
यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी हम प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

