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विषय पर निरन्तर आनंद के साथ अध्ययन प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का द्योतक- श्री दाधीच,बिनानी कन्या महाविद्यालय में शिविर का तीसरा दिन

 
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THE BIKANER NEWS:-बिनानी कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय विषेष षिविर के तीसरे दिन मुख्य अतिथि श्री हिमांषु दाधीच  एवं विषिष्ठि अतिथि श्रीमान् राहुल किराडू थे। श्री हिमांषु दाधीच, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पूगल रोड़, बीकानेर ने सरस्वती वंदना के साथ आज के कार्यक्रम का शुभ्भारंभ किया। साथ में महाविद्यालय प्राचार्या, डॉ. अरूणा आचार्य, एवं महर्षि एकेडमी के निदेषक राहुल किराडू और रासेयो प्रभारी डॉ. अनिता मोहे भारद्वाज थे।

रासेयो के प्रथम सत्र का प्रारम्भ रासेयो प्रभारी डॉ. अषोक व्यास द्वारा के दिषा निर्देषन में महाविद्यालय मैदान के किनारे बने छोटे बागों में स्वयंसेविकाओं के द्वारा पौधारोपण किया गया जिसमें महाविद्यालय की स्वयंसेविकाओं ने बढ़-चढकर  हिस्सा लिया महाविद्यालय के मैदान में लगभग 40 पौधे लगाये गये। प्रभारी डॉ.अषोक व्यास ने भी अपने स्तर पर खड्डे बनाकर अपनी और से उपयोगी जामून का पेड़ लगाया। सभी स्वयंसेविकाओं ने पौधों की रक्षा व सुरक्षा की शपथ ली। 

कार्यक्रम के अगले पड़ाव में स्वयंसेविकाओं के समूह द्वारा मेंहदी एवं पोस्टर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जिसकी थीम नषामुक्ति एवं पर्यावरण का बचाव थी। 15 छात्राओं ने मेंहदी प्रतियोगिता में और लगभग इतनी ही स्वयंसेविकाओं ने पोस्टर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उक्त प्रतियोगिता की रोसेयो प्रभारी डॉ. अनिता मोहे भारद्वाज के दिषा निर्देषन मंे आयोजित की गयी जिनके परिणामों की घोषणा रासेयो के अन्तिम दिवस पर होगी। 

कार्यक्रम का अगला चरण महाविद्यालय ऑडिटॉरियम में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता कैसे प्राप्त करें पर व्याख्यान माला के साथ प्रारम्भ हुआ जिसमें राजकीय विद्यालय, पूगल रोड़ से पधारे प्रधानाचार्य श्री हिमांषु दाधीच ने अपना व्याख्यान श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक कर्मण्ये वाधिका रस्ते से प्रारम्भ किया और स्वयंसेविकाओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि आप सिर्फ कर्म पर विष्वास कीजिए उसमें अपना पूर्ण मनोयोग प्रयोग मंे लेकर बिना परिणामों की चिन्ता के सजग रहते हुए करते रहे सफलता अपने आप आपके कदम चूमेगी। इसी क्रम में उन्होनें कहा कि किसी अध्ययन को याद रखने के लिए आप अपने दिमाग को आदेष देकर रखें की जो भी आपको सुनाया जा रहा है उसे भविष्य के लिए याद रखें।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में महर्षि एकेडमी के निदेषक श्री राहुल किराडू ने बोलते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में निरन्तरता और कर्मनिष्ठा आवष्यक है। अगर व्यक्ति अपनी स्कूली षिक्षा से सजग होकर थोड़ी-थोड़ी तैयारी प्रारम्भ कर दें तो वह स्नातक होने तक पूर्णतया परिपक्व हो जायेगा और एक ही प्रयास में प्रतियोगी परीक्षा में सफल हो जायेगा साथ ही उन्होंने छात्राओं प्रेरित करते हुए कहा कि अगर वे विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते है तो वह अपनी संस्था से 25 प्रतिषत की छात्रवृति देने के लिए तैयार है साथ ही वादा किया कि अगर वे निरन्तर पूर्ण मनोयोग से संस्था की कक्षाओं में अध्ययन करते है तो 1 वर्ष में उनकी वांछित परीक्षा में सफलता की गारण्टी दी जाती है। 

कार्यक्रम के अन्त में रासेयो प्रभारी डॉ. रामकुमार व्यास ने स्वयंसेविकाआंे को कहानी के माध्यम से वर्तमान समय में जीवन व्यतीत करने की शैली को बताया और साथ ही अपने व्यवहार में सहजता का प्रयोग करने की बातों पर जोर दिया। श्री व्यास ने आगन्तुकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान किये। 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अषोक व्यास ने किया। 

 

बिनानी कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय विषेष षिविर के तीसरे दिन मुख्य अतिथि श्री हिमांषु दाधीच  एवं विषिष्ठि अतिथि श्रीमान् राहुल किराडू थे। श्री हिमांषु दाधीच, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पूगल रोड़, बीकानेर ने सरस्वती वंदना के साथ आज के कार्यक्रम का शुभ्भारंभ किया। साथ में महाविद्यालय प्राचार्या, डॉ. अरूणा आचार्य, एवं महर्षि एकेडमी के निदेषक राहुल किराडू और रासेयो प्रभारी डॉ. अनिता मोहे भारद्वाज थे।

रासेयो के प्रथम सत्र का प्रारम्भ रासेयो प्रभारी डॉ. अषोक व्यास द्वारा के दिषा निर्देषन में महाविद्यालय मैदान के किनारे बने छोटे बागों में स्वयंसेविकाओं के द्वारा पौधारोपण किया गया जिसमें महाविद्यालय की स्वयंसेविकाओं ने बढ़-चढकर  हिस्सा लिया महाविद्यालय के मैदान में लगभग 40 पौधे लगाये गये। प्रभारी डॉ.अषोक व्यास ने भी अपने स्तर पर खड्डे बनाकर अपनी और से उपयोगी जामून का पेड़ लगाया। सभी स्वयंसेविकाओं ने पौधों की रक्षा व सुरक्षा की शपथ ली। 

कार्यक्रम के अगले पड़ाव में स्वयंसेविकाओं के समूह द्वारा मेंहदी एवं पोस्टर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जिसकी थीम नषामुक्ति एवं पर्यावरण का बचाव थी। 15 छात्राओं ने मेंहदी प्रतियोगिता में और लगभग इतनी ही स्वयंसेविकाओं ने पोस्टर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उक्त प्रतियोगिता की रोसेयो प्रभारी डॉ. अनिता मोहे भारद्वाज के दिषा निर्देषन मंे आयोजित की गयी जिनके परिणामों की घोषणा रासेयो के अन्तिम दिवस पर होगी। 

कार्यक्रम का अगला चरण महाविद्यालय ऑडिटॉरियम में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता कैसे प्राप्त करें पर व्याख्यान माला के साथ प्रारम्भ हुआ जिसमें राजकीय विद्यालय, पूगल रोड़ से पधारे प्रधानाचार्य श्री हिमांषु दाधीच ने अपना व्याख्यान श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक कर्मण्ये वाधिका रस्ते से प्रारम्भ किया और स्वयंसेविकाओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि आप सिर्फ कर्म पर विष्वास कीजिए उसमें अपना पूर्ण मनोयोग प्रयोग मंे लेकर बिना परिणामों की चिन्ता के सजग रहते हुए करते रहे सफलता अपने आप आपके कदम चूमेगी। इसी क्रम में उन्होनें कहा कि किसी अध्ययन को याद रखने के लिए आप अपने दिमाग को आदेष देकर रखें की जो भी आपको सुनाया जा रहा है उसे भविष्य के लिए याद रखें।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में महर्षि एकेडमी के निदेषक श्री राहुल किराडू ने बोलते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में निरन्तरता और कर्मनिष्ठा आवष्यक है। अगर व्यक्ति अपनी स्कूली षिक्षा से सजग होकर थोड़ी-थोड़ी तैयारी प्रारम्भ कर दें तो वह स्नातक होने तक पूर्णतया परिपक्व हो जायेगा और एक ही प्रयास में प्रतियोगी परीक्षा में सफल हो जायेगा साथ ही उन्होंने छात्राओं प्रेरित करते हुए कहा कि अगर वे विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते है तो वह अपनी संस्था से 25 प्रतिषत की छात्रवृति देने के लिए तैयार है साथ ही वादा किया कि अगर वे निरन्तर पूर्ण मनोयोग से संस्था की कक्षाओं में अध्ययन करते है तो 1 वर्ष में उनकी वांछित परीक्षा में सफलता की गारण्टी दी जाती है। 

कार्यक्रम के अन्त में रासेयो प्रभारी डॉ. रामकुमार व्यास ने स्वयंसेविकाआंे को कहानी के माध्यम से वर्तमान समय में जीवन व्यतीत करने की शैली को बताया और साथ ही अपने व्यवहार में सहजता का प्रयोग करने की बातों पर जोर दिया। श्री व्यास ने आगन्तुकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान किये। 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अषोक व्यास ने किया।