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सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देकर सम्पन्न हुआ निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर

 
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बीकानेर: स्वर्गीय पं. श्री शिव शंकर किराडू स्मृति प्रयास के तत्वावधान में महात्मा लाली बाई सभा भवन स्थित वेद पाठशाला में आयोजित 15 दिवसीय निःशुल्क संध्या प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में देवी कुंड सागर स्थित श्री करपात्रजी स्वामी धर्म संस्कृति महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं अनंत विभूषित कथा माधव साधक श्री धरा नंद सरस्वती जी महाराज मुख्य सान्निध्य में उपस्थित हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। प्रयास के संरक्षक श्री मोतीलाल किराडू एवं श्री मानक लाल किराडू ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने सामूहिक संध्या-वंदन एवं मंत्रोच्चारण का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर प्रयास के श्री बसंत किराडू ने संस्था की स्थापना, उद्देश्यों एवं भावी योजनाओं की जानकारी दी। वेदाचार्य पंडित प्रह्लाद कुमार व्यास ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं वैदिक परंपराओं के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अपने प्रवचन में श्री धरा नंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए संध्या, स्तुति, दुर्गा पाठ तथा वैदिक परंपराओं का नियमित पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बीकानेर धार्मिक जागरण की भूमि है और ऐसे आयोजन समाज में संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने स्वर्गीय श्री शिव शंकर किराडू के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी स्मृति में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर अत्यंत प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय पहल है। 

समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं संध्या पुस्तिका प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं वेदाचार्य पंडित प्रह्लाद कुमार व्यास का भी शॉल, श्रीफल एवं सम्मान पत्र देकर अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम में बाबूलाल किराडू, श्री लाल व्यास, रामेश्वर लाल ओझा, मुकुंद लाल व्यास, आशानंद व्यास, रामलाल व्यास, एडवोकेट डॉ. उमा शंकर बिस्सा, सी.पी. बोहरा, मनोज व्यास सहित अनेक गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री शिव शंकर छंगाणी ने किया।