इतिहास जानकारियों का पूलिन्दा नहीं बल्कि अतीत की घटनाऐं - डॉ. बिन्दु भसीन,
बिनानी कन्या महाविद्यालय में शिविर का आयोजन
Jan 15, 2026, 21:18 IST
THE BIKANER NEWS:- बीकानेर:-बिनानी कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय विषेष षिविर के चौथे दिन महाविद्यालय प्रांगण की सफाई के अलावा पौधारोपण, गोद ली गयी बस्ती भाटों के बास में वहां के निवासियों को विभिन्न खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने एवं मौसम के अनुकूल वस्त्रों का वितरण, मेडिटेशन वर्कशॉप तथा कला व इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
रासेयो अधिकारी डॉ. अशोक व्यास ने बताया कि शिविर के प्रथम चरण में छात्रा स्वयंसेविकाओं द्वारा महाविद्यालय में श्रमदान के बाद ‘‘एक छात्रा-एक पौधा’’ की थीम पर प्रत्येक स्वयंसेविका द्वारा कॉलेज परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए गुलमोहर, अशोक, नीम, अमरूद तथा विभिन्न किस्म के पौधे लगाये गये।
अगले चरण में रासेयो के प्रभारी डॉ. रामकुमार व्यास के नेतृत्व निर्देशन में हार्टफुल संस्थान के श्री ओमप्रकाश व आषु द्वारा छात्राओं को तीन दिवसीय मेडिटेशन एवं योग का अभ्यास क्यों जरूरी है पर व्याख्यान देने के बाद आज छात्राओं को प्रारम्भिक योग में प्राणायाम, अनुलोम विलोम, श्वास नियंत्रण के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के आसन्नों का अभ्यास करवाया गया। साथ ही इसकी निरंतरता के लिए लगातार प्रतिदिन करने की शपथ दिलायी गयी।
डॉ. अनिता मोहे रासेयो अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि चौथे दिन के शिविर के अगले चरण में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा महाविद्यालय गोद ली गई कच्ची बस्ती भाटों के बास में खाद्य सामग्री एवं वस्त्र वितरण किया गया जिसमें छात्रा स्वयं सेविकाओं द्वारा अपने द्वारा कच्ची बस्ती के निवासियों को खाद्य सामग्री एवं मौसम के अनुकूल वस्त्रों का वितरण करते हुए उनसे वादा किया कि वे आने वाली 26 जनवरी तक बस्ती में अनपढ़ बच्चों, प्रौढ़ों और महिलाओं को साक्षर करेंगी। इसके लिए स्वयं सेविकाओं ने एक समुह बनाया है जिसमें 8 छात्राऐं शामिल हुई। जो अलग-अलग दिन जाकर साक्षरता अभियान के अलावा स्वच्छता अभियान भी चलायेगी।
आज शिविर के चौथे दिन के अगले चरण में इतिहास विभाग की सहायक आचार्य मधु सोलंकी के नेतृत्व एवं निरीक्षण में कला एवं इतिहास पर आधारित एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन राजकीय डूंगर महाविद्यालय की इतिहास प्रोफेसर डॉ. बिन्दु भसीन मैम एवं प्राच्य विद्या संस्थान के वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी डॉ. नितिन गोयल और महाविद्यालय प्रबन्ध समिति सचिव श्री गौरीशंकर व्यास ने किया। अवलोकन करते हुए उन्होंने छात्राओं से उनके द्वारा बनाए गये मॉडल से संबंधित इतिहास व सभ्यताओं पर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की साथ ही छात्राओं को उनके द्वारा बनाये गये ढांचों पर अपनी टिप्पणी प्रेषित की। जानकारियों के आदान-प्रदान के बाद महाविद्यालय ऑडिटोरियम इतिहास के संदर्भ में व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।
व्याख्यान देते हुए डॉ. बिन्दु भसीन मैडम ने कहा कि इतिहास जानकारियों का पुलिन्दा मात्र नहीं है, बल्कि अतीत में घटी महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण व परिणामों की व्याख्या है। इसी क्रम में नितिन गोयल ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आपके द्वारा बनाये गये सभी मॉडल निश्चित ही प्रशंसनीय है परन्तु इसे यही पर समाप्त नहीं करते हुए और आगे लेकर जाये और राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रदर्शनियों में अपने आपको शामिल करने का प्रयास करें। उद्बोधन देते हुए उन्होंने छात्राओं एवं महाविद्यालय परिवार को अपनी संस्था में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन करने का आमंत्रण भी दिया।
सचिव गौरी शंकर व्यास ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे विभिन्न विषयों पर प्रदर्शनियों का आयोजन कर ना सिर्फ अपने ज्ञान को विस्तृत कर सकती है बल्कि अन्य छात्राओं के ज्ञान में वृद्धि कर सकती है।
कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अरूणा आचार्य के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ जिसमें आगंतुकों को स्मृति चिन्ह भेट कर उनके द्वारा भविष्य में छात्राओं को मार्गदर्शन देने की प्रार्थना की। स्मृति चिह्न रासेयो प्रभारी डॉ. अनिता मोहे एवं डॉ. रामकुमार व्यास द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक व्यास ने किया।
रासेयो अधिकारी डॉ. अशोक व्यास ने बताया कि शिविर के प्रथम चरण में छात्रा स्वयंसेविकाओं द्वारा महाविद्यालय में श्रमदान के बाद ‘‘एक छात्रा-एक पौधा’’ की थीम पर प्रत्येक स्वयंसेविका द्वारा कॉलेज परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए गुलमोहर, अशोक, नीम, अमरूद तथा विभिन्न किस्म के पौधे लगाये गये।
अगले चरण में रासेयो के प्रभारी डॉ. रामकुमार व्यास के नेतृत्व निर्देशन में हार्टफुल संस्थान के श्री ओमप्रकाश व आषु द्वारा छात्राओं को तीन दिवसीय मेडिटेशन एवं योग का अभ्यास क्यों जरूरी है पर व्याख्यान देने के बाद आज छात्राओं को प्रारम्भिक योग में प्राणायाम, अनुलोम विलोम, श्वास नियंत्रण के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के आसन्नों का अभ्यास करवाया गया। साथ ही इसकी निरंतरता के लिए लगातार प्रतिदिन करने की शपथ दिलायी गयी।
डॉ. अनिता मोहे रासेयो अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि चौथे दिन के शिविर के अगले चरण में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा महाविद्यालय गोद ली गई कच्ची बस्ती भाटों के बास में खाद्य सामग्री एवं वस्त्र वितरण किया गया जिसमें छात्रा स्वयं सेविकाओं द्वारा अपने द्वारा कच्ची बस्ती के निवासियों को खाद्य सामग्री एवं मौसम के अनुकूल वस्त्रों का वितरण करते हुए उनसे वादा किया कि वे आने वाली 26 जनवरी तक बस्ती में अनपढ़ बच्चों, प्रौढ़ों और महिलाओं को साक्षर करेंगी। इसके लिए स्वयं सेविकाओं ने एक समुह बनाया है जिसमें 8 छात्राऐं शामिल हुई। जो अलग-अलग दिन जाकर साक्षरता अभियान के अलावा स्वच्छता अभियान भी चलायेगी।
आज शिविर के चौथे दिन के अगले चरण में इतिहास विभाग की सहायक आचार्य मधु सोलंकी के नेतृत्व एवं निरीक्षण में कला एवं इतिहास पर आधारित एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन राजकीय डूंगर महाविद्यालय की इतिहास प्रोफेसर डॉ. बिन्दु भसीन मैम एवं प्राच्य विद्या संस्थान के वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी डॉ. नितिन गोयल और महाविद्यालय प्रबन्ध समिति सचिव श्री गौरीशंकर व्यास ने किया। अवलोकन करते हुए उन्होंने छात्राओं से उनके द्वारा बनाए गये मॉडल से संबंधित इतिहास व सभ्यताओं पर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की साथ ही छात्राओं को उनके द्वारा बनाये गये ढांचों पर अपनी टिप्पणी प्रेषित की। जानकारियों के आदान-प्रदान के बाद महाविद्यालय ऑडिटोरियम इतिहास के संदर्भ में व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।
व्याख्यान देते हुए डॉ. बिन्दु भसीन मैडम ने कहा कि इतिहास जानकारियों का पुलिन्दा मात्र नहीं है, बल्कि अतीत में घटी महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण व परिणामों की व्याख्या है। इसी क्रम में नितिन गोयल ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आपके द्वारा बनाये गये सभी मॉडल निश्चित ही प्रशंसनीय है परन्तु इसे यही पर समाप्त नहीं करते हुए और आगे लेकर जाये और राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रदर्शनियों में अपने आपको शामिल करने का प्रयास करें। उद्बोधन देते हुए उन्होंने छात्राओं एवं महाविद्यालय परिवार को अपनी संस्था में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन करने का आमंत्रण भी दिया।
सचिव गौरी शंकर व्यास ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे विभिन्न विषयों पर प्रदर्शनियों का आयोजन कर ना सिर्फ अपने ज्ञान को विस्तृत कर सकती है बल्कि अन्य छात्राओं के ज्ञान में वृद्धि कर सकती है।
कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अरूणा आचार्य के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ जिसमें आगंतुकों को स्मृति चिन्ह भेट कर उनके द्वारा भविष्य में छात्राओं को मार्गदर्शन देने की प्रार्थना की। स्मृति चिह्न रासेयो प्रभारी डॉ. अनिता मोहे एवं डॉ. रामकुमार व्यास द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक व्यास ने किया।

