क्रिकेट पिच उखाड़ने पर भड़का इंटक: एक्सईएन की 'तानाशाही' के खिलाफ 7 दिन बाद धरने का अल्टीमेटम
क्या है पूरा मामला?
इंटक का आरोप है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में अधिशाषी अभियंता वीरेंद्र कुमार ने जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न किया। आरोप है कि उन्होंने न केवल दो बार मैच के दौरान विकेट उखाड़े, बल्कि खेल रहे कर्मचारियों की छुट्टी (Leave) लगाकर जेसीबी मशीन से क्रिकेट पिच को ही उखाड़ दिया। संगठन का कहना है कि यह कृत्य निगम के कार्य में बाधा डालने जैसा है और खेल भावना का अपमान है।
"कर्मचारी करता तो सस्पेंड हो जाता"
बिजली कर्मचारी यूनियन इंटक के जिला अध्यक्ष सुनील गिरी ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा, "यदि किसी सामान्य कर्मचारी ने ऐसा कृत्य किया होता, तो उसे अब तक निलंबित कर दिया गया होता। लेकिन यहाँ अधीक्षण अभियंता (SE) प्रसारण पर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।"
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
संगठन ने चेतावनी दी है कि निगम प्रशासन में किसी व्यक्ति विशेष की तानाशाही नहीं चलेगी, यहाँ केवल निगम के नियम चलेंगे। नेताओं ने स्पष्ट किया कि संगठन अब 'आर-पार की लड़ाई' लड़ने के मूड में है।
ये दिग्गज रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन और बैठक में संभाग के कई बड़े नेता शामिल हुए, जिन्होंने एक सुर में कार्यवाही की मांग की:
- सतपाल डूडी (जिला अध्यक्ष, प्रसारण इंटक)
- अशोक कुमार (जिला महामंत्री)
- बैरम खान (प्रदेश संगठन मंत्री)
- लालचंद मेहरड़ा (गंगानगर जिला प्रभारी)
- कश्मीरी लाल (जिला महामंत्री)
- किशन सिंह राजावत (जिलाध्यक्ष)
- मनोज भारद्वाज (जिला संरक्षक)
इंटक ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी मांगें नहीं मानी गईं और दोषी अधिकारी पर कार्यवाही नहीं हुई, तो विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

