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तकनीकी कर्मचारियों के दूरस्थ एवं द्वेषपूर्ण तबादलों के विरोध में इंटक का प्रदर्शन, प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल डेलू को सौंपा ज्ञापन

 
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THE BIKANER NEWS:-जोधपुर।राजस्थान में हाल ही में हुए विद्युत विभाग के स्थानांतरण आदेशों को लेकर इंटक ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन का आरोप है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी करते हुए विशेष रूप से इंटक से जुड़े तकनीकी कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों को उनके मूल कार्यस्थल से 200 से 300 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किया गया है, जिससे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के समक्ष गंभीर सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं।
प्रांतीय विद्युत मंडल मजदूर फेडरेशन (इंटक), राजस्थान के मुख्य संरक्षक श्री रमेश व्यास के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल डेलू से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा तथा स्थानांतरण आदेशों की निष्पक्ष समीक्षा कर उन्हें निरस्त करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में फेडरेशन के कोषाध्यक्ष श्री शिवनारायण पुरोहित, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री मंडलदत्त जोशी, यूथ इंटक राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष श्री महेंद्र देवड़ा, बीकानेर इंटक के जिलाध्यक्ष श्री अशोक पुरोहित, बीकानेर यूथ इंटक के जिलाध्यक्ष श्री मुकेश कथूरिया, बीकानेर जिला उपाध्यक्ष मुश्ताक अली सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य संरक्षक श्री रमेश व्यास ने कहा कि कर्मचारी किसी भी सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों को धरातल तक पहुँचाने में तकनीकी कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में कर्मचारियों का बिना किसी स्पष्ट प्रशासनिक आवश्यकता अथवा शिकायत के दूर-दराज क्षेत्रों में स्थानांतरण किया जाना कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन आदेशों की समीक्षा नहीं की गई तो कर्मचारियों में व्यापक असंतोष उत्पन्न होगा।
यूथ इंटक राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष श्री महेंद्र देवड़ा ने कहा कि वर्षों से अपने कार्यस्थल पर सेवाएँ दे रहे कर्मचारियों का अचानक दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानांतरण किए जाने से कर्मचारी तो आहत हैं ही, उनके परिवारों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा है। अनेक कर्मचारियों के माता-पिता गंभीर रूप से बीमार हैं, बच्चों की पढ़ाई बीच सत्र में प्रभावित हो रही है तथा पारिवारिक एवं आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों के विरुद्ध कोई शिकायत, अनुशासनात्मक कार्रवाई अथवा दंड नहीं है, उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार न्यायसंगत नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंध निदेशक से आग्रह किया कि कर्मचारियों की पारिवारिक परिस्थितियों एवं मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इन स्थानांतरण आदेशों की निष्पक्ष समीक्षा एवं, सहानुभूतिपूर्वक विचार कर, प्रभावित कर्मचारियों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए। प्रबंध निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल को इस विषय पर नियमानुसार सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।