जैसलमेर के दमाराम गोगली की मानव समाजसेवा को मिली राष्ट्रीय पहचान, नई दिल्ली में मिला ‘राष्ट्रीय विभूति सम्मान’
(कैलाश बिस्सा)स्वर्णनगरी जैसलमेर में समाजसेवा के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समय से निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहे राजस्थान के फलोदी स्थित भानु सेवा संस्थान के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं जैसलमेर जिले के एका निवासी बीजलराम गोगली के पुत्र व रक्तदान प्रेरक दमाराम गोगली को शिक्षा, स्वैच्छिक रक्तदान, दिव्यांग सेवा, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण एवं मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित “राष्ट्रीय विभूति सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया।
नई दिल्ली स्थित NDMC Convention Centre में 15 अगस्त 2026 को आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में वाईएसएस इंडिया के अध्यक्ष कमल चौधरी ने दमाराम गोगली को यह सम्मान प्रदान किया। तीन दशक से अधिक समय से समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए निरंतर कार्य कर रहे गोगली की सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान जैसलमेर सहित पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है।
जिला स्तर से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सेवा का सफर
दमाराम गोगली की समाजसेवा की यात्रा की विशेष उपलब्धि यह है कि उन्हें जिला जैसलमेर से अब तक तीन अलग-अलग अवसरों पर सम्मानित किया जा चुका है। जिला स्तर से शुरू हुआ सम्मान और पहचान का यह सिलसिला अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है।
1995 में तत्कालीन जिला कलक्टर एम.के. खन्ना ने किया था पहली बार सम्मानित
दमाराम गोगली को समाजसेवा के क्षेत्र में पहली बड़ी जिला स्तरीय पहचान वर्ष 1995 में मिली। तत्कालीन जिला कलक्टर एम.के. खन्ना ने उन्हें दिव्यांग सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया था। तीन दशक पूर्व शुरू हुई यह सेवा यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रही और आज राष्ट्रीय सम्मान तक पहुंच चुकी है।
बाबा रामदेवजी मेले में दूसरी बार मिला जिला स्तरीय सम्मान
इसके बाद लोकदेवता बाबा रामदेवजी के मेले के अवसर पर जिला कलक्टर जैसलमेर द्वारा दमाराम गोगली को उनकी समाजसेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के लिए दूसरी बार सम्मानित किया गया। अलग-अलग अवसरों पर जिला प्रशासन से मिले सम्मान उनकी दीर्घकालीन सेवा गतिविधियों की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाते हैं।
19 जून 2026 को मिला ‘समाज सारथी सम्मान’
दमाराम गोगली को हाल ही में 19 जून 2026 को जिला स्तर पर “समाज सारथी सम्मान” से सम्मानित किया गया। इस प्रकार जैसलमेर जिले से उन्हें तीन अलग-अलग अवसरों पर सम्मान प्राप्त हो चुका है। इन जिला स्तरीय सम्मानों के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर मिला “राष्ट्रीय विभूति सम्मान-2026” उनके सेवा कार्यों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
रक्तदान और मानव सेवा को बनाया जीवन का मिशन
दमाराम गोगली लंबे समय से स्वैच्छिक रक्तदान एवं मानव सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। भानु सेवा संस्थान के माध्यम से उन्होंने रक्तदान शिविरों, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों, दिव्यांग सेवा, सामाजिक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से अनेक जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में सहायता मिली है। स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ उन्होंने युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया। उनका संदेश रहा है कि रक्तदान महादान है और मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
दिव्यांग सेवा से पर्यावरण संरक्षण तक व्यापक योगदान
दमाराम गोगली की समाजसेवा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। दिव्यांगजनों की सहायता एवं सम्मान, शिक्षा के प्रति जागरूकता, जरूरतमंदों की मदद, रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में उन्होंने निरंतर योगदान दिया है।
उनकी कार्यशैली का मूल आधार निःस्वार्थ सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना रहा है। इसी कारण ग्रामीण एवं सामाजिक क्षेत्र में उन्हें सक्रिय समाजसेवी और रक्तदान प्रेरक के रूप में विशेष पहचान मिली है।
देशभर के 100 समाजसेवियों में चयन
राष्ट्रीय विभूति सम्मान-2026 के लिए देशभर से ऐसे 100 समाजसेवियों का चयन किया गया, जिन्होंने मानव सेवा, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता एवं जनकल्याण के क्षेत्र में दीर्घकालीन और प्रेरणादायी योगदान दिया है। दमाराम गोगली का चयन उनके वर्षों के सेवा-समर्पण की राष्ट्रीय स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।
सम्मान भानु सेवा संस्थान और सभी कर्मवीरों को समर्पित
राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने के बाद दमाराम गोगली ने सभी शुभचिंतकों, सहयोगियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान वे भानु सेवा संस्थान के साथ-साथ उन सभी कर्मवीरों और संस्थाओं को समर्पित करते हैं, जिन्होंने उन्हें एक छोटे से क्षेत्र से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने में सहयोग और संबल प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मान केवल किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं होते, बल्कि पूरे सेवा अभियान से जुड़े प्रत्येक कार्यकर्ता को नई ऊर्जा और सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी समाज और राष्ट्रहित में सेवा कार्यों को और अधिक गति देने का संकल्प व्यक्त किया।
जैसलमेर और राजस्थान का बढ़ा गौरव
दमाराम गोगली को राष्ट्रीय विभूति सम्मान मिलने से जैसलमेर एवं राजस्थान का गौरव बढ़ा है। तीन दशक से अधिक समय तक बिना किसी स्वार्थ के समाजसेवा में सक्रिय रहकर जिला स्तर के सम्मान से राष्ट्रीय सम्मान तक पहुंचना उनकी कर्मठता, निरंतरता और सेवा भावना की प्रेरणादायी मिसाल है।
सेवा का सफर बना समाज के लिए प्रेरणा
दमाराम गोगली की इस उपलब्धि पर सामाजिक संगठनों, रक्तदान से जुड़े कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों, दिव्यांग सेवा से जुड़े लोगों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वाईएसएस इंडिया के अध्यक्ष कमल चौधरी ने भी उन्हें बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में सभी मिलकर समाज और राष्ट्रहित में और बेहतर कार्य करेंगे।
तीन दशक पहले दिव्यांग सेवा के लिए जिला कलक्टर द्वारा सम्मानित होने से शुरू हुआ यह सफर, जिला स्तर पर मिले तीन सम्मानों से होते हुए अब राष्ट्रीय विभूति सम्मान-2026 तक पहुंचा है। दमाराम गोगली की यह यात्रा इस संदेश को मजबूत करती है कि निःस्वार्थ भाव से की गई सेवा भले ही तत्काल सुर्खियों में न आए, लेकिन उसका प्रभाव समाज पर लंबे समय तक रहता है और एक दिन उसे व्यापक पहचान अवश्य मिलती है।
दमाराम गोगली का राष्ट्रीय सम्मान उन सभी समाजसेवियों के लिए भी प्रेरणा है, जो शिक्षा, रक्तदान, दिव्यांग सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण के कार्यों में बिना किसी स्वार्थ के निरंतर जुटे हुए हैं।

