बेसिक पीजी कॉलेज में विज्ञान का रोमांचक संगम: ‘साइंस क्विज’ में केशव आचार्य की टीम ने जीता खिताब
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर:-बेसिक पीजी कॉलेज, बीकानेर के ‘‘साइंस क्लब’’ के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए ‘साइंस क्विज कॉम्पिटिशन’ का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, तार्किक चिंतन, सामान्य वैज्ञानिक ज्ञान तथा प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता का प्रेरणादायी ध्येय "Think, Explore, Compete & Win!" रहा।
कार्यक्रम का आयोजन साइंस विंग की संयोजक चेताली पुरोहित एवं सह-संयोजक जयंती पुरोहित के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास और जोश के साथ भाग लेते हुए अपनी वैज्ञानिक समझ एवं बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया।
प्रतियोगिता को विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा, तार्किक क्षमता, विषयगत ज्ञान, त्वरित सोच एवं निर्णय लेने की क्षमता को परखने के लिए कुल तीन चरणों में विभाजित किया गया। प्रत्येक चरण में प्रतिभागियों के सामने अलग-अलग प्रकार के प्रश्न एवं चुनौतियाँ रखी गईं, जिसके चलते प्रतियोगिता प्रारंभ से लेकर अंतिम चरण तक रोमांचक बनी रही।
प्रथम चरण में प्रतिभागी टीमों ने अपने ज्ञान एवं तैयारी का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले के बाद तीन टीमों ने अगले दौर में प्रवेश किया। द्वितीय चरण में प्रतिस्पर्धा और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई, जिसमें प्रतिभागियों की त्वरित सोच और सही उत्तर देने की क्षमता की परीक्षा हुई। इस चरण के बाद शानदार प्रदर्शन करने वाली दो टीमें फाइनल राउंड में पहुँचीं।
फाइनल राउंड में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास एवं सूझ-बूझ के साथ प्रश्नों का सामना किया। अंतिम चरण के रोमांचक मुकाबले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए केशव आचार्य (टीम लीडर), गौरव सांखला, मिताली स्वामी एवं निशा प्रवीन की टीम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए साइंस क्विज कॉम्पिटिशन का खिताब अपने नाम किया।
विजेता टीम की सफलता ने न केवल उनकी विषयगत तैयारी और ज्ञान को प्रदर्शित किया, बल्कि टीमवर्क, त्वरित निर्णय क्षमता और दबाव की स्थिति में सही उत्तर देने की उनकी दक्षता को भी रेखांकित किया।
प्रतियोगिता में निर्णायक की महत्वपूर्ण भूमिका डॉ. मुकेश जी ओझा एवं डॉ. नमामीशंकर आचार्य ने निभाई। निर्णायकों ने प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों के ज्ञान, आत्मविश्वास, वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं उत्साह की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, प्रश्न पूछने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विजेता टीम के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता को अपने ज्ञान को परखने के साथ-साथ नई चीजें सीखने और टीम भावना के साथ कार्य करने का उपयोगी मंच बताया।
महाविद्यालय के ‘‘साइंस क्लब’’ द्वारा आयोजित इस आयोजन ने विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पढ़ाई से आगे बढ़कर ज्ञान को व्यवहारिक रूप से परखने, तार्किक ढंग से सोचने और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि विज्ञान केवल पाठ्यक्रम तक सीमित विषय नहीं, बल्कि जिज्ञासा, प्रयोग, तर्क और निरंतर खोज की जीवन्त प्रक्रिया है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों एवं आयोजन में सहयोग देने वाले सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सफल आयोजन के लिए साइंस क्लब की टीम को बधाई दी गई तथा विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी प्रकार की शैक्षणिक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया।

