बीकानेर के हिम्मटसर में आदेशों के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्र को नहीं मिल रही जमीन, नौनिहाल सुविधाओं को मोहताज
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर/नोखा। एक तरफ राज्य सरकार और निदेशालय बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर कुछ दिखाई नही दे रहा है। नोखा ब्लॉक की ग्राम पंचायत हिम्मटसर में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-02 के छोटे बच्चे और महिलाएं एक सुरक्षित भवन, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
निदेशालय के सख्त आदेशों की अनदेखी
समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) निदेशालय, जयपुर द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि अन्य सरकारी भवनों (जैसे स्कूल, पंचायत भवन आदि) में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों को ICDS विभाग के नाम आवंटित या हस्तांतरित किया जाए। इसका मुख्य कारण यह है कि विभाग के नाम भवन न होने की वजह से मरम्मत, बिजली-पानी और शौचालय की व्यवस्था के लिए बजट जारी नहीं हो पाता है, जिससे बच्चों और गर्भवती/धात्री महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इसी क्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO), नोखा ने भी हिम्मटसर सरपंच को पत्र लिखकर केंद्र संख्या 02 के लिए विभागीय भवन बनवाने हेतु 40x60 फ़ीट निःशुल्क भूमि का पट्टा जारी करने का निवेदन किया था, ताकि उच्च स्तर से निर्माण की स्वीकृति मिल सके।
ग्रामीणों और कार्यकर्ता ने लगाई गुहार
7 जुलाई 2026 को ग्रामीण सेवा शिविर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमला नायक और मोहल्लेवासियों ने शिविर प्रभारी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। इसमें निवेदन किया गया कि वर्तमान में जहां केंद्र संचालित है (सामुदायिक/सरकारी भवन), उसके ठीक पीछे 41X75 फुट की बिना किसी निर्माण की सरकारी भूमि खाली पड़ी है। ग्रामीणों ने मांग की कि यह भूमि बाल विकास परियोजना अधिकारी, नोखा के नाम आवंटित की जाए ताकि नए भवन का रास्ता साफ हो सके। इस पत्र पर कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान भी मौजूद हैं।
ग्राम विकास अधिकारी की हठधर्मिता बनी रोड़ा
ग्रामीणों की शिकायत है कि तहसीलदार के कहने और निदेशालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, ग्राम सेवक (ग्राम विकास अधिकारी) अपनी हठधर्मिता पर अड़े हुए हैं। वे संचालित सरकारी भवन को ICDS विभाग के नाम आवंटित करने में आनाकानी कर रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर हिम्मटसर आंगनबाड़ी केंद्र-02 के इन नन्हे-मुन्ने बच्चों को एक सुरक्षित नया भवन, पेयजल और शौचालय की सुविधा कब मिलेगी? प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए नौनिहालों के हित में उचित कदम उठाने की सख्त आवश्यकता है।

