PCPNDT कानून बन गया है अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार का हथियार, प्रधानमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
डॉ. मंजु ने अपने ज्ञापन में दस ठोस सुझाव प्रस्तुत करते हुए कहा कि *“नारी का सम्मान सिर्फ बेटी बचाने तक सीमित न रहे – महिला डॉक्टरों को भी गरिमा के साथ काम करने का अधिकार मिले।”* उन्होंने कहा कि PCPNDT एक्ट का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना था, परंतु अब यह भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार का हथियार बन चुका है।
*ज्ञापन में प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं:*
*1. सीएमएचओ ऑफिस में Citizen Charter लागू हो, जिसमें हर कार्य की समयसीमा तय हो।*
*2. सोनोग्राफी सेंटर्स के रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण व सोनोग्राफी मशीनों के खरीदने/बेचने की अनुमतियों में समयबद्धता निश्चित की जाए अथवा Deemed Approval माना जाए।*
*3. सीएमएचओ ऑफिस में अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया जाए।*
*4. सीएमएचओ ऑफिस के अधिकारियों व स्टाफ की संपत्ति में वार्षिक बढोत्तरी को सार्वजनिक करना अनिवार्य हो.*
डॉ. मंजु ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि सोनोलॉजिस्ट्स के साथ प्रशासनिक अत्याचार को समाप्त किया जाए।
*इस ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, स्वास्थयमंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित राजस्थान के सभी प्रमुख अखबारों, न्यूज़ चैनलों और महिला संगठनों को भी भेजी गई है।*
डॉ. मंजु ने आने वाले दिनों में महिला सोनोलॉजिस्ट्स की एक राज्य स्तरीय बैठक और जन जागरूकता अभियान की घोषणा की है।

