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बीकानेर कांग्रेस में नई कार्यकारिणी के बाद उठे सवाल, ‘पुराने सिपाहियों’ को क्यों नहीं मिली जगह?

 
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बीकानेर। शहर जिला कांग्रेस कमेटी बीकानेर की नई कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही पार्टी के अंदर सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। नई कार्यकारिणी में जहां कुछ पुराने चेहरों को फिर से जिम्मेदारी दी गई है, वहीं कई नए कार्यकर्ताओं को संगठन में जगह देकर नई टीम तैयार करने का प्रयास किया गया है। लेकिन इसी सूची को लेकर कांग्रेस के भीतर एक सवाल भी तेजी से उठ रहा है—लंबे समय से पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं का क्या?

नई कार्यकारिणी में नए चेहरों को अवसर मिलने से संगठन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर ऐसे कार्यकर्ता, जो लंबे समय से कांग्रेस के आंदोलनों, चुनावी अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं, उनका नाम सूची में नहीं होने से कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में निराशा की चर्चा है।

पुराने सिपाहियों की अनदेखी बनी चर्चा का विषय

कांग्रेस की राजनीति में संगठन की मजबूती का आधार हमेशा जमीनी कार्यकर्ता रहा है। ऐसे में उन कार्यकर्ताओं को कार्यकारिणी से बाहर रखे जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है, जिन्होंने विपरीत राजनीतिक परिस्थितियों में भी पार्टी का झंडा थामे रखा।

कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा भी है कि क्या संगठन में पद देने का आधार केवल नए राजनीतिक समीकरण होंगे या वर्षों से पार्टी के लिए जमीन पर काम करने वालों की सक्रियता और निष्ठा को भी प्राथमिकता मिलेगी?

नई टीम से उम्मीदें भी, असंतोष की आहट भी

नई कार्यकारिणी में नए लोगों को मौका मिलने से कांग्रेस को युवा और सक्रिय चेहरों के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। लेकिन संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि नई कार्यकारिणी बीकानेर शहर में कांग्रेस को कितना मजबूत कर पाती है। क्योंकि केवल पदों की घोषणा से संगठन मजबूत नहीं होता, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना ही किसी भी राजनीतिक संगठन की असली ताकत होती है।

कार्यकर्ताओं के बीच उठ रहा बड़ा सवाल

नई कार्यकारिणी के बाद कांग्रेस के भीतर अब सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि जो लोग वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष करते रहे, क्या उन्हें संगठन में उचित प्रतिनिधित्व मिला?

फिलहाल नई कार्यकारिणी को लेकर कांग्रेस के अंदर खुशी, उम्मीद और नाराजगी—तीनों तरह के भाव नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आती है, तो यह नई टीम के लिए पहली बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित हो सकती है।