राजस्थानी भाषा के विभाग प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में शीघ्र प्रारंभ हो : कमल रंगा
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर 18 जुलाई, 2026*प्रदेश के करोड़ों लोगों की अस्मिता एवं सांस्कृतिक पहचान उनकी मातृभाषा राजस्थानी को प्रदेश में उसका वाजब हक मिले इसके लिए राजस्थानी भाषा के करोड़ों समर्थक आजादी के बाद से ही राजस्थानी की संवैधानिक मान्यता एवं प्रदेश की दूसरी राजभाषा के लिए संघर्षरत हैं। साथ ही विशेष तौर से नई शिक्षा नीति के बाद प्राथमिक स्तर से शिक्षा का माध्यम मातृभाषा राजस्थानी हो, उसकी मांग निरंतर कर रहे हैं।
राजस्थान में राजस्थानी भाषा की उपेक्षा होने के कारण राजस्थानी समर्थकों, साहित्यकारों, सामाजिक संगठनों आदि में रोष व्याप्त है, क्योंकि गत दिनों प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में शास्त्री भाषा मराठी के केन्द्र खोलने के निर्देश महामहिम राज्यपाल ने दिए हैं। इस संदर्भ में राजस्थानी युवा लेखक संघ के प्रदेशाध्यक्ष एवं राजस्थानी मान्यता आंदोलन के प्रवर्तक कमल रंगा ने कहा कि राजस्थानी भाषा के समर्थक हमेशा सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करते आए हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश में किसी भी भारतीय भाषा का केंद्र आदि खोला जाए, तो कोई आपत्ति नहीं है।
इस संदर्भ में रंगा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि राजस्थान में राजस्थानी भाषा के विभाग प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में शीघ्र प्रारंभ करवावे, ताकि करोड़ों लोगों की जनभावना एवं उनकी अस्मिता का सम्मान हो।

