पीबीएम अस्पताल से राहतभरी खबर: प्रसूता राहिला स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, अन्य मरीजों की हालत में भी सुधार
Jun 17, 2026, 15:19 IST
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर, 17 जून। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल में उपचाराधीन प्रसूताओं के स्वास्थ्य को लेकर राहतभरी खबर सामने आई है। गंभीर अवस्था में आईसीयू में भर्ती छह प्रसूताओं में से दो को स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इनमें प्रसूता राहिला को मंगलवार को सफल उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया, जबकि एक अन्य प्रसूता को भी स्वस्थ होने पर घर भेजा जा चुका है।
जानकारी के अनुसार राहिला की स्थिति भर्ती के समय बेहद गंभीर थी। उसका हीमोग्लोबिन मात्र 6 ग्राम प्रति डेसीलीटर था और यूरिन आउटपुट लगभग शून्य था। हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में गहन उपचार शुरू किया गया। उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और यूरिन आउटपुट बढ़कर लगभग 3500 मिलीलीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया। वहीं हीमोग्लोबिन स्तर बढ़कर 8.2 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया। भर्ती के समय उसे सांस लेने में तकलीफ तथा फेफड़ों में पानी भरने की समस्या थी, जो अब पूरी तरह नियंत्रित हो चुकी है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार उपचाराधीन अन्य दो प्रसूताओं की स्थिति में भी लगातार सुधार हो रहा है। यदि स्वास्थ्य में इसी तरह प्रगति जारी रही तो आगामी दो से तीन दिनों में उन्हें भी डिस्चार्ज किया जा सकता है। वहीं आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती दो मरीजों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की 24 घंटे निगरानी में जारी है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कर रही लगातार मॉनिटरिंग
एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मरीजों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। टीम में अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य एवं डॉ. नीति शर्मा, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष खजोटिया, डॉ. सुमन बुडानिया, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र फलोदिया, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. खेताराम शर्मा, निश्चेतना विभाग से डॉ. विशाल, श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि चांडक सहित मेडिसिन आईसीयू, पोस्ट कोविड आईसीयू, डायलिसिस यूनिट एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की संयुक्त टीम शामिल है।
प्रसूताओं के स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने से परिजनों ने राहत की सांस ली है तथा चिकित्सा टीम के प्रयासों की सराहना की है।
जानकारी के अनुसार राहिला की स्थिति भर्ती के समय बेहद गंभीर थी। उसका हीमोग्लोबिन मात्र 6 ग्राम प्रति डेसीलीटर था और यूरिन आउटपुट लगभग शून्य था। हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में गहन उपचार शुरू किया गया। उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और यूरिन आउटपुट बढ़कर लगभग 3500 मिलीलीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया। वहीं हीमोग्लोबिन स्तर बढ़कर 8.2 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया। भर्ती के समय उसे सांस लेने में तकलीफ तथा फेफड़ों में पानी भरने की समस्या थी, जो अब पूरी तरह नियंत्रित हो चुकी है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार उपचाराधीन अन्य दो प्रसूताओं की स्थिति में भी लगातार सुधार हो रहा है। यदि स्वास्थ्य में इसी तरह प्रगति जारी रही तो आगामी दो से तीन दिनों में उन्हें भी डिस्चार्ज किया जा सकता है। वहीं आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती दो मरीजों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की 24 घंटे निगरानी में जारी है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कर रही लगातार मॉनिटरिंग
एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मरीजों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। टीम में अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य एवं डॉ. नीति शर्मा, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष खजोटिया, डॉ. सुमन बुडानिया, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र फलोदिया, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. खेताराम शर्मा, निश्चेतना विभाग से डॉ. विशाल, श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि चांडक सहित मेडिसिन आईसीयू, पोस्ट कोविड आईसीयू, डायलिसिस यूनिट एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की संयुक्त टीम शामिल है।
प्रसूताओं के स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने से परिजनों ने राहत की सांस ली है तथा चिकित्सा टीम के प्रयासों की सराहना की है।

