भारतीय युवा पीढ़ी, न्याय और कानून व्यवस्था से जुड़े- श्रीमती मांडवी राजवी,बिनानी कन्या महाविद्यालय में विशेष शिविर का उद्घाटन
रासेयो के प्रथम सत्र में रासेयो प्रभारी डॉ. अनिता मोहे द्वारा मुख्य अतिथि श्रीमती राजवी को पुष्पगुच्छ भेट कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रभारी डॉ अशोक व्यास ने आगामी सात दिवस में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की व्याख्या एवं युवा शक्ति एवं महिला पर आधारित इस विषेष शिविर की पूर्ण जानकारी दी।
स्वयंसेविकाओं को सम्बोधित करते हुए श्रीमती मांडवी राजवी ने कहा कि आज हम स्वामी विवेकानन्द के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ‘‘युवादिवस’’ मना रहे है। स्वामीजी कहते थे कि भारत का भविष्य इमारतों में नहीं बल्कि युवाओं में है। ये युवा ही है जो भारत के भविष्य को संवार सकते है और राष्ट्र का निर्माण कर सकते है। उन्होंने आधुनिक युग में युवाओं के पास अनेक भटकाव के साधनों की व्याख्या करते हुए बताया कि युवा को अपने अध्यात्म और मनोबल को बढ़ाना ही होगा तभी वो भटकाव के रास्ते से बाहर आ सकता है। वह स्वयं प्रेरित होकर ही इस जिम्मेवारी का निर्वहन कर सकता है। श्रीमती राजवी ने अपने उद्बोधन में भारत की कानून व्यवस्था में महिलाओं के अधिकारों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही उपस्थित स्वयं सेविकाओं से उनके साथ होने वाली विभिन्न परिस्थितियों का मुकाबला कैसे करें उनके बारे में भी संवाद के माध्यम से बताया।
अगले क्रम में संगीत विभाग की छात्राओं ने राष्ट्रीय योजना के गीत ‘‘उठे समाज के लिए ......’’ गीत का प्रस्तुतिकरण संगीत श्रीमती गंगासोनी एवं कैलाषजी पुरोहित के सान्निध्य में किया। महाविद्यालय में आयोजित होने वाले इस विषेष शिविर के बारे में बताते हुए महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अरूणा आचार्य ने बताया कि न्यायाधीश महोदया द्वारा बतायी गयी बाते न सिर्फ हमें प्रेरित कर रही है बल्कि स्वयं सेविकाओं को भविष्य के सपने भी दिखाती है।
दूसरे सत्र में नया शहर थाना से पधारे एएसआई श्रीमती सुनीता एवं श्री शेरसिंह ने छात्राओं को सम्बोधित किया। इस क्रम में बोलते हुए श्रीमती सुनीता ने स्वयंसेविकाओं को अपने अनुभवों को बताते हुए कहा कि वे उस परिस्थितियों में इस क्षेत्र में आयी जहां महिलाओं को सिर्फ घरेलू कार्यों में ही पारन्गत किया जाता है। अपने लक्ष्य को निर्धारित कर अगर कोई व्यक्ति प्रयास करता है तो उसे सफलता अवश्य मिलती है।
दूसरे सत्र में एएसआई श्री शेर सिंह ने साइबर अपराधों की बढ़ती वृद्धि का ज्ञान देते हुए स्वयंसेविकाओं को आगाह किया कि वे किसी भी बिना जानकारी के किसी लिंक को प्रत्यक्ष से खोलने की गलती न करंे। अपने द्वारा प्रयोग किये जा रहे मोबाइल पासवर्ड का इतना कठिन रखे की कोई व्यक्ति उसे आसानी से न खोल सकें। इसी क्रम में उन्होने बताया कि वर्तमान में बीकानेर में साइबर अपराध कम है परन्तु जागरूकता नहीं होने पर इनकी संख्या बढ़ सकती है। इसलिए वे न सिर्फ स्वयं जागरूक रहे बल्कि अपने परिवार जनों को भी मोबाइल प्रयोग करने की सावधानी बताये। उन्होंने स्वयं सेविकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जब भी वाहन का प्रयोग करें तो हेलमेट का आवश्यक रूप से प्रयोग करे जो आपकी रक्षा भी करता है। और अनावश्यक कानून अपराधों से भी बचाता है।
कार्यक्रम के अन्त में रासेयो प्रभारी डॉ. रामकुमार व्यास ने आगन्तुकों का स्मृति चिह्न देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही महाविद्यालय की छात्राओं की आपकी आश्वस्त किया कि जब भी आवश्यकता होगी तो कानून एवं न्याय दोनों ही मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसी क्रम में डॉ. व्यास ने कहा कि आज का रासेयो दिवस पूर्णतया कानून एवं न्याय के नाम रहा है। जो भविष्य में होने वाली गलतियों को सुधारने के लिए कारगर होगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक व्यास ने किया।
बिनानी कन्या महाविद्यालय,बीकानेर

