सुमीत की कविता संवेदना के धरातल पर अनुभूतियों की गहरी व्यंजना है : मालचन्द तिवाड़ी,युवा कवि सुमीत रंगा के दूसरे नए काव्य संग्रह ‘घर के इक कोने में’ का हुआ लोकार्पण
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर 27 अगस्त, 2026:-प्रज्ञालय संस्थान की ओर से हिन्दी के युवा कवि सुमीत रंगा के दूसरे नए काव्य संग्रह ‘घर के इक कोने में’ का लोकार्पण आज प्रात: 11:15 बजे नत्थूसर गेट के बाहर स्थित लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन-सदन में हुआ।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं आलोचक मालचन्द तिवाड़ी ने कहा कि कवि सुमीत ने संवेदना के धरातल पर अनुभूतियों की गहरी व्यंजना अपनी कविताओं में व्यक्त की है। कवि का युवा मन कविता के नए-नए विषय ही नहीं वरनï् एक नई काव्य भाषा की खोज में सफल रहा है। युवा कवि सुमीत वस्तुओं से स्मृतियों को रचने के उपक्रम में चिताकर्षक पंक्तियां उकेरने में सिद्धहस्त है। उसकी काव्य शक्ति गहरी और अर्थवान है।
मालचन्द तिवाड़ी ने आगे कहा कि कवि सुमीत अपनी रचना यात्रा को गहरी भावनात्मक एवं संवेगात्मक रूप में सृजित करता है। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं आलोचक डॉ. मदन सैनी ने कहा कि सुमीत की कविताएं संवेदना में रची-बसी अनुभूतियों का ऐसा प्रस्तुतिकरण है, जिसके माध्यम से कविता पाठकों को गहराई तक सोचने पर मजबूर करती है। कवि ने समाज के उन महत्वपूर्ण बिन्दुओं को सुंदर रूप से प्रयोग करते हुए कविता की अर्थवत्ता को नए आयाम दिए हैं।
समारोह के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार मधु आचार्य ‘आशावादी’ ने कहा कि युवा कवि सुमीत रंगा की कविता से गुजरते हुए यह स्पष्ट होता है कि आज के आपा-धापी के दौर में रिश्तों को समझना और उनके प्रति विखंडन की स्थिति को सघनता के साथ अनुभव करके अपने काव्य मुहावरे में ढालना एक चुनौती है। इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए कवि सुमीत रंगा ने इन्हें अपने काव्य सृजन में सुंदर ढंग से उकेरा है।
इस अवसर पर युवा कवि सुमीत रंगा ने अपनी चर्चित एवं प्रतिनिधि चार कविताओं का वाचन करते हुए सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
प्रारंभ में सभी का स्वागत वरिष्ठ इतिहासविदï् डॉ. फारूक चौहान ने किया। तो वहीं कार्यक्रम का संयोजन करते हुए वरिष्ठ शायर कासिम बीकानेरी ने कवि सुमीत रंगा के व्यक्तित्व और कृत्तित्व पर प्रकाश डाला।
लोकार्पण समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा, कवि जुगल किशोर पुरोहित, शिवप्रकाश शर्मा, राजेश रंगा, हरिनारायण आचार्य, गिरिराज पारीक, डॉ. फारूक चौहान, आशीष रंगा, अशोक शर्मा, नवनीत व्यास, किशन देराश्री, भवानी सिंह राठौड़, हेमलता व्यास, नेहा भोजक, बबीता पुरोहित, श्यामा स्वामी, सुमन खुडिय़ा, मुकेश देराश्री, तोलाराम सारण, घनश्याम ओझा, भैरूरतन, अरूण जे. व्यास, कृतिका रंगा सहित कई गणमान्यों की साक्षी रही।
कार्यक्रम का संचालन शायर कासिम बीकानेरी ने किया। सभी का आभार युवा कवि गिरिराज पारीक ने ज्ञापित किया।

