शिक्षक संघ शेखावत ने उठाई हुंकार, समस्याओं के समाधान के लिए ACBEO को सौंपा ज्ञापन
संगठन की उपशाखा बीकानेर नगर अध्यक्ष मनीष ठाकुर और मंत्री देवेंद्र जाखड़ ने बताया कि शिक्षा विभाग में व्याप्त विसंगतियों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण शिक्षकों और विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से उठाई गईं ये मांगें:
- सत्र और अवकाश: ग्रीष्मकालीन अवकाश की व्यवस्था पूर्ववत लागू की जाए और नया शैक्षिक सत्र 1 जुलाई से ही प्रारंभ किया जाए।
- बकाया भुगतान: पोषाहार (MDM) और ट्रांसपोर्ट वाउचर के लंबे समय से लंबित बिलों का अविलंब भुगतान हो।
- बुनियादी सुविधाएं: सभी विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ, बिजली-पानी, और पर्याप्त कमरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वच्छता के लिए प्रत्येक विद्यालय में नियमित सफाई कर्मचारी की नियुक्ति हो।
- स्थानांतरण और पदोन्नति: सभी संवर्गों के लिए एक स्थाई स्थानांतरण नीति लागू कर तबादले किए जाएं और 1 अप्रैल 2026 तक की डीपीसी (DPC) प्रक्रिया तुरंत पूर्ण की जाए।
- वित्तीय स्वीकृति: सभी नवक्रमोन्नत स्कूलों में पदों की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र जारी की जाए।
- TET और स्थाईकरण: 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता का न्यायसंगत समाधान निकाला जाए और नव चयनित समस्त शारीरिक शिक्षकों के स्थाईकरण के आदेश जारी हों।
- योजनाएं और वेतन: RGHS योजना को अनवरत जारी रखा जाए। पे प्रोटेक्शन के नाम पर 2 जून को जारी वित्त विभाग के आदेश की पुनः समीक्षा की जाए और शिक्षकों से की जा रही वसूली पर तत्काल रोक लगे। साथ ही, कुछ विशेष मामलों में सातवें वेतन आयोग की विकल्प तिथि को परिवर्तित करने के लिए छूट प्रदान की जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
उपशाखा बीकानेर देहात के संयोजक महेंद्र सिंह पंवार और सह-संयोजक नाजरा परवीन ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षकों की इन जायज माँगों की अनदेखी की गई, तो संगठन एक बड़े और उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा। इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल:
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह भाटी, जिला मंत्री अरुण गोदारा, प्रदेश मंत्री संजय पुरोहित, प्रदेश उपाध्यक्ष हुक्माराम झोरड़, संरक्षक रेवंतराम गोदारा, उप सभाध्यक्ष श्याम देवड़ा, विजय सिंह राजपूत, अनिल गौड़, हरि सुथार और ताराप्रकाश मोयल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

