घर में खड़ी गाड़ी का कटा टोल: नापासर के वाहन मालिक के साथ चौंकाने वाली घटना, फास्टैग सिस्टम पर उठे सवाल
Apr 6, 2026, 23:39 IST
बीकानेर। डिजिटल इंडिया के दौर में जहां फास्टैग जैसी सुविधाओं ने टोल भुगतान को आसान बनाया है, वहीं अब इसके दुरुपयोग और तकनीकी खामियों के मामले भी सामने आने लगे हैं। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला बीकानेर जिले के नापासर से सामने आया है, जहां एक गाड़ी पिछले 7 दिनों से घर में खड़ी होने के बावजूद उसका टोल कट गया।
नापासर निवासी पवन कुमार जोशी ने बताया कि उनकी गाड़ी (नंबर RJ14CG 2221) पिछले एक सप्ताह से घर पर ही खड़ी थी और कहीं भी उपयोग में नहीं ली गई। इसके बावजूद उन्हें मिलनपुर टोल प्लाजा से टोल कटने का मैसेज प्राप्त हुआ। इस अप्रत्याशित घटना ने उन्हें हैरान कर दिया।
वाहन मालिक का कहना है कि यह मामला फास्टैग क्लोनिंग, तकनीकी गड़बड़ी या फिर किसी अन्य वाहन द्वारा उनके नंबर प्लेट के गलत इस्तेमाल का हो सकता है। उन्होंने इस संबंध में टोल प्लाजा प्रबंधन और फास्टैग सेवा प्रदाता कंपनी से शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
गौरतलब है कि हाल के समय में फास्टैग से जुड़ी इस प्रकार की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम वाहन चालकों में चिंता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन तकनीकी खामियों और सुरक्षा खतरों को दूर नहीं किया गया, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और वाहन मालिक को कब तक न्याय मिल पाता है। फिलहाल, इस घटना ने फास्टैग सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
नापासर निवासी पवन कुमार जोशी ने बताया कि उनकी गाड़ी (नंबर RJ14CG 2221) पिछले एक सप्ताह से घर पर ही खड़ी थी और कहीं भी उपयोग में नहीं ली गई। इसके बावजूद उन्हें मिलनपुर टोल प्लाजा से टोल कटने का मैसेज प्राप्त हुआ। इस अप्रत्याशित घटना ने उन्हें हैरान कर दिया।
वाहन मालिक का कहना है कि यह मामला फास्टैग क्लोनिंग, तकनीकी गड़बड़ी या फिर किसी अन्य वाहन द्वारा उनके नंबर प्लेट के गलत इस्तेमाल का हो सकता है। उन्होंने इस संबंध में टोल प्लाजा प्रबंधन और फास्टैग सेवा प्रदाता कंपनी से शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
गौरतलब है कि हाल के समय में फास्टैग से जुड़ी इस प्रकार की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम वाहन चालकों में चिंता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन तकनीकी खामियों और सुरक्षा खतरों को दूर नहीं किया गया, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और वाहन मालिक को कब तक न्याय मिल पाता है। फिलहाल, इस घटना ने फास्टैग सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

