बीकानेर स्थापना दिवस पर शहीदों को नमन अमरचंद बांठिया और बीरबल राम जी नगर की मूर्तियों की स्थापना की गई!
*आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री ओमप्रकाश सोनगरा द्वारा की गई और मुख्य अतिथि वेटरनरी के रिटायर्ड डीन डॉक्टर जेएस मेहता थे! इस अवसर पर बीकानेर के वरिष्ठ समाजसेवी और डूंगर कॉलेज के सेवानिवृत्ति व्याख्याता अमरचंद बांठिया के जीवन पर कार्य करने वाले श्री धर्मचंद जैन का अमरचंद बांठिया सेवा उपन्यास के श्री सुमती लाल बांठिया श्री संतोष बांठिया श्री दिलीप बांठिया के द्वारा बीकानेरी साफा शॉल श्रीफल और माल्यार्पण करके स्वागत किया गया! इस अवसर पर वंदे मातरम टीम के विजय कोचर के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री संतोष बांठिया द्वारा कोचर का भी माल्यार्पण कर सम्मान किया!*
*कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों ने शहीदों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया! मंदिर समिति के अध्यक्ष ओम सोनगरा ने बताया कि शाहिद अमरचंद बांठिया (1793-1858) राजस्थान के बीकानेर में जन्मे एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें राजस्थान का मंगल पांडे और 1857 की क्रांति का भामाशाह कहां जाता है! उन्होंने ग्वालियर के राजकोष के प्रभारी रहते हुए भी तांतया टोपे और रानी लक्ष्मी बाई को आर्थिक सहायता देकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में जबरदस्त बिगुल बजा दिया था! उनके इस साहसी कार्य का बहुत बड़ा मूल्य चुकाना पड़ा और 22 जून 1858 को अंग्रेजों द्वारा ग्वालियर में नीम के पेड़ के ऊपर उनको फांसी से लटका दिया गया! उनके परिवार के सदस्यों को तोप से उड़ा दिया गया!*
*वही बीरबल राम जी नगर को एक साहसी निडर प्रजा परिषद के सक्रिय नेता के रूप में याद किया जाता है! उन्होंने सामंती शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और रायसिंहनगर में जन्मे बीरबल राम जीनगर स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक आंदोलन में निरंतर सक्रिय रहे!*
*इस अवसर पर अमरचंद बांठिया स्मृति उपन्यास के श्री धर्मचंद जैन श्री संतोष कुमार श्री सुमती कुमार श्री दिलीप बांठिया श्री सचिन बांठिया श्री तन्मय बांठिया सहित समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे!*
*इसके अलावा इस मंदिर से जुड़ी और सेवा कार्यों में अग्रणी वंदे मातरम टीम के राष्ट्रीय संयोजक विजय कोचर जिला संयोजक मुकेश जोशी संभाग संयोजक नरसिंग भाटी बाबूलाल खत्री राजकुमार जी नगर राजेंद्र रामपुरिया शिवदयाल उपाध्याय समेत अनेक सैवा भावी लोग कार्यक्रम में उपस्थित हुए!*
*स्मृति न्यास के संतोष बांठिया ने बताया कि इस स्थल पर 20 कुर्सी सुमती लाल और दिलीप बांठिया के द्वारा प्रदान की जाएगी और एक ठंडे पानी की मशीन भी लगाई जाएगी! निर्माण कार्य पूरा होने के पश्चात अनावरण का कार्य संयुक्त रूप से किया जाएगा!*

