बड़ी खबर:-27 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, मेदांता अस्पताल में जूस पीकर तोड़ा अनशन
THE BIKANER NEWS;-नई दिल्ली: शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नीट (NEET) पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर 27 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में जूस पीकर अनशन तोड़ा।
अनशन समाप्ति के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहे। सामने आए वीडियो में दोनों मंत्री वांगचुक को जूस पिलाते नजर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने वांगचुक से मुलाकात से पहले गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा की थी।
स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण 21 जुलाई को सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
क्यों शुरू किया था अनशन?
सोनम वांगचुक ने 28 जून को शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी।
अनशन से पहले वे जंतर-मंतर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहा यह प्रदर्शन 35 दिनों से जारी है, जिसमें प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

