गणित के डर को दूर करेगी बीकानेर के छात्र की किताब: डीयू में 'ग्रुप थ्योरी' का भव्य विमोचन
शिक्षाविदों ने की जमकर सराहना
इस खास अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर रवि टोटेजा और प्रोफेसर सरिता अग्रवाल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपस्थित प्रोफेसरों ने सुनील कुमावत के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ गणित के बेहद जटिल माने जाने वाले विषय 'ग्रुप थ्योरी' को अत्यंत सरल, सुबोध और व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करता है। शिक्षाविदों के अनुसार, यह पुस्तक भविष्य में गणित के विद्यार्थियों और शोधार्थियों दोनों के लिए एक अत्यंत लाभकारी और मार्गदर्शक साधन सिद्ध होगी।
कठिन सिद्धांतों को रोचक बनाने का प्रयास
अपने संबोधन में युवा लेखक सुनील कुमावत ने पुस्तक के पीछे की अपनी सोच और उद्देश्य को साझा किया। उन्होंने कहा, "अक्सर छात्र गणितीय अवधारणाओं के कठिन और अमूर्त स्वरूप से घबरा जाते हैं। इस पुस्तक को लिखने का मुख्य उद्देश्य गणित के इन अमूर्त सिद्धांतों को अधिकाधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ, व्यावहारिक और रुचिकर बनाना है।" सुनील ने बताया कि उन्होंने अपनी इस कृति के माध्यम से जटिल सिद्धांतों को सहजता से समझाने का हर संभव प्रयास किया है ताकि छात्रों के मन से गणित का डर दूर हो सके।
कार्यक्रम का समापन
इस भव्य विमोचन समारोह का समापन एक औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रोफेसरों और उपस्थित जनों के प्रति इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि का हिस्सा बनने और लेखक का उत्साहवर्धन करने के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।

